एशियन गेम्स के दौरान भारतीय एमएमए फाइटर वरुण सान्याल सॉना में वजन कम करने की कोशिश करते समय बेहोश हो गए। क्रूज शिप पर मौजूद नेपाल के एक एथलीट ने उन्हें देखा और जगाया, जिसके बाद वरुण को अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी के मुताबिक, वरुण अब खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के एमएमए खिलाड़ी वरुण सान्याल का अभियान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हो गया। पुरुषों की पारंपरिक 77 किग्रा श्रेणी के क्वार्टर फाइनल से पहले वजन कम करने की कोशिश के दौरान सान्याल सॉना में बेहोश हो गए। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें प्रतियोगिता के लिए मेडिकल तौर पर अनफिट घोषित कर दिया।
विज्ञापन
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वजन कम करने के दौरान सान्याल ने खाने और पानी का सेवन काफी कम किया था। इसके बाद सॉना में उन्हें चक्कर आया और वह बेहोश हो गए। मेडिकल जांच में डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों में ऐंठन की बात सामने आई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मुकाबले के लिए फिट नहीं माना।
अब खतरे से बाहर
एक अधिकारी के अनुसार, वरुण अब खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति में सुधार है। वरुण रविवार को होने वाली प्रतियोगिता के लिए अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान सॉना में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। अधिकारी ने बताया कि सौभाग्य से नेपाल के एक एथलीट की नजर वरुण पर पड़ी। उसने उन्हें जगाया, जिसके बाद वरुण ने अधिकारी को फोन किया। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया था।
विज्ञापन
10 घंटे तक आवास के लिए भटकते रहे
सान्याल की परेशानी सिर्फ वजन कम करने तक सीमित नहीं थी। एशियन गेम्स के लिए नगोया पहुंचने के बाद उन्हें आवास हासिल करने में भी लंबी परेशानी का सामना करना पड़ा। भारतीय एमएमए खिलाड़ी ने बताया था कि उनका नाम सिस्टम में दर्ज नहीं दिख रहा था, जिसके कारण उन्हें अलग-अलग सुविधाओं के बीच 10 घंटे से ज्यादा समय तक भटकना पड़ा।
सान्याल लंदन से मुंबई और सिंगापुर होते हुए नगोया पहुंचे थे। लंबी यात्रा के बाद उन्हें उम्मीद थी कि वह आराम कर पाएंगे, लेकिन कमरे के आवंटन में हुई परेशानी ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी। आखिरकार कमरा मिलने के बाद भी एक और समस्या सामने आई, जब दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने उसी कमरे का आवंटन होने की बात कही।
वजन कम करने की चुनौती के बीच बढ़ी मुश्किल
एमएमए जैसे कॉम्बैट स्पोर्ट्स में खिलाड़ियों को मुकाबले से पहले निर्धारित वजन वर्ग में आने के लिए वजन कम करना पड़ता है। इसके साथ ही उन्हें शरीर में ऊर्जा और पोषण बनाए रखना भी जरूरी होता है। सान्याल ने आवास की परेशानी के बाद कहा था कि जब वह आखिरकार बिस्तर पर पहुंचे, तब उनका शरीर पूरी तरह थका हुआ था।
इसी के बाद वजन कम करने की प्रक्रिया के दौरान सॉना में उनकी तबीयत बिगड़ी। बेहोश होने के बाद उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई और फिर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया।
मुकाबले में उतरने से पहले ही खत्म हुआ अभियान
सान्याल को 77 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उतरना था, लेकिन वह मुकाबले के लिए निर्धारित वजन हासिल नहीं कर सके और मेडिकल जांच में भी फिट नहीं पाए गए। इस तरह उनका एशियन गेम्स अभियान रिंग या केज में कदम रखे बिना ही खत्म हो गया।
सान्याल के मामले ने एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के आवास और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परेशानियों को भी चर्चा में ला दिया है। नगोया में कई खिलाड़ियों ने कमरे मिलने में देरी और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं की शिकायत की है।