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Aishwarya Mishra: डोप टेस्ट के लिए भारतीय धाविका को ढूंढ़ रही हैं नाडा और एआईयू, एएफआई को भी नहीं मिला कोई सुराग

Tue, 10 May 2022 07:14 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह पहला मामला नहीं है, जब कोई भारतीय एथलीट डोप टेस्ट से भाग रही है। इससे पहले निर्मला शेवरन भी अपने निजी कोच के साथ ट्रेनिंग करती थीं। अंत में वो डोप टेस्ट में फेल हुईं और उन पर सालों का बैन लगा था। 
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ऐश्वर्या मिश्रा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ऐश्वर्या मेहरा फेडेरेशन कप राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद से गायब हैं। एंटी डोपिंग एजेंसिया (नाडा और एआईयू) उनका डोप टेस्ट करने के लिए पिछले महीने से उन्हें ढूंढ़ रही हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। ऐश्वर्या ने अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई पदक नहीं जीता है, लेकिन दो और तीन अप्रैल को कोझिकोड में हुई प्रतियोगिता में उन्होंने 51.18 सेकेंड में 400 मीटर की दौड़ पूरी कर ली थी और स्वर्ण पदक जीता था। इसके साथ ही वो सबसे तेज 400 मीटर दौड़ पूरी करने वाली तीसरी एथलीट बनी थीं। 
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51.18 सेकेंड में 400 मीटर की दौड़ पूरी करने के बाद ऐश्वर्या जुलाई में अमेरिकी जमीन पर होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर गईं। उनसे जल्दी सिर्फ दो भारतीय महिला एथलीट ने 400 मीटर दौड़ पूरी की है। हिमा दास (50.79) और मनजीत कौर (51.05) ही ऐश्वर्या से जल्दी 400 मीटर दौड़ पाई हैं। 
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एएफआई के कैंप में भी नहीं गईं
फेडेरेशन कप में शानदार प्रदर्शन के बाद एएफआई ने उन्हें अपने कैंप में भी शामिल किया था। उन्हें तुर्की में जाकर ट्रेनिंग करनी थी, लेकिन वो इस कैंप में भी शामिल नहीं हुई हैं। एएफआई के पास दर्ज उनका फोन नंबर भी गलत है। वो पहली बार मुंबई यूनिवर्सिटी की इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में सामने आई थीं, जब उन्होंने 52.40 सेकेंड में 400 मीटर दौड़ पूरी की थी। इसके बाद वो राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा बनीं। अचानक उनके प्रदर्शन में निखार आने से कई लोगों ने उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे। इसके  बाद उनके प्रदर्शन में निखार आया और 2020 में उन्हें राष्ट्रीय कैंप से बाहर कर दिया गया। 

2021 में फिर चमकीं ऐश्वर्या
2021 में ऐश्वर्या ने इंटर स्टेट चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में माहाराष्ट्र के लिए रजत पदक जीता। इसके बाद 200 मीटर दौड़ में फेडेरेशन कप में सिल्वर जीता। उनके हरियाणा में होनी की खबर सामने आई थी। पता चला था कि वो रोहतक में ट्रेनिंग कर रही हैं। इसके बाद पता चला कि वो अप्रैल के बाद से अपने हरियाणा वाले कोच के संपर्क में भी नहीं हैं। 

पहले भी डोप टेस्ट से भाग चुकी हैं एथलीट
यह पहला मामला नहीं है, जब कोई भारतीय एथलीट डोप टेस्ट से भाग रही है। इससे पहले निर्मला शेवरन भी अपने निजी कोच के साथ ट्रेनिंग करती थीं। वो कभी भी राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा नहीं बनीं और लंबे समय तक उनकी भी कोई खबर नहीं थी। अंत में वो एक डोप टेस्ट में फेल हुईं और उन पर सालों का बैन लगा था। इसके साथ ही उनसे स्वर्ण पदक भी छीन लिया गया था, जो उन्होंने 2017 एशियन चैंपियनशिप में जीता था। 
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