भारतीय खेल जगत के लिए नए साल के शुरुआत में ही एक बड़ी खबर है। 17 साल के एक युवा खिलाड़ी ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए वर्ल्ड नंबर वन का तमगा हासिल कर लिया है।
मध्य प्रदेश के 17 साल के आदित्य जोशी ने बैडमिंटन जगत में भारत के लिए इतिहास रच दिया है। वह जूनियर बैडमिंटन में वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी बनने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
धार जिले के रहने वाले आदित्य ने 10 पायदान की लंबी छलांग लगाते हुए 18,776 रेटिंग अंकों के साथ 11वें से पहले स्थान पर पहुंच गए। उनकी रैंकिंग में यह सुधार पिछले महीने चंडीगढ़ में राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल करने के बाद आई है।
वर्ल्ड बैडमिंटन फेडरेशन (डब्ल्यूबीएफ) की जनवरी में जारी नई रैंकिंग में आदित्य जोशी नंबर वन बन गए हैं। नवंबर में वह 11वें पायदान पर थे।
आदित्य ने 2001 से बैडमिंटन खेलना शुरू किया, उस समय उनकी उम्र पांच साल की थी। वह स्थानीय स्तर पर अपनी आयु वर्ग में कई प्रतियोगिता जीतने में कामयाब रहे हैं।
उन्होंने छह साल के अंदर खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करते हुए 2011 में रूस में खेले गए जूनियर इंटरनेशनल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था। इसी साल उन्होंने जापान में एशियाई सब-जूनियर चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता।
अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए आदित्य जोशी 2013 में राष्ट्रीय चैंपियन बने। साथ ही आदित्य ने पुणे जूनियर इंटरनेशनल टूर्नामेंट में स्वर्ण और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था।