दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों के बाद से बजट की तगड़ी मार से आहत खेल मंत्रालय को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार थोड़ी राहत प्रदान की है।
खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल की मांग के बाद वित्त मंत्री ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार खेल और युवा मामलों के लिए बजट में 562 करोड़ रुपये की वृद्धि की है।
यही नहीं वित्त मंत्री ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों पर खास मेहरबानी की है। जम्मू-कश्मीर को खेलों के जरिए मुख्य धारा में लाने के लिए जम्मू और कश्मीर घाटी में आउटडोर व इंडोर स्टेडियम बनाने के लिए दो सौ करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
साथ ही मणिपुर में 100 करोड़ की लागत से एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। यही नहीं नेपाल और भूटान के साथ मिलकर पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के अलग से खेल कराए जाएंगे।
बीते वर्ष के बजट में 1207 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे लेकिन इस बार 1769 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया था।
बजट की कमी को लेकर अभी साई में हाहाकार जैसी स्थिति है। इसी को ध्यान रखते हुए कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए 100 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
जेटली ने अपने बजट में साफ कहा कि दुर्भाग्यवश खेल देश में अभी तक मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए हैं। खेलों को मुख्य धारा में लाने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस विभिन्न खेलों की अकादमियां खोली जाएंगी। ये खेल शूटिंग, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, बॉक्सिंग, आर्चरी व ट्रैक एंड फील्ड हैं।
साई के बजट में भी 85 करोड़ की वृद्धि की गई है। जबकि राष्ट्रीय खेल संघों को अब 160 के बजाय 185 करोड़ रुपए की मदद मिलेगी।