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Chanakya Niti: सज्जन आदमी में होते हैं ये 3 गुण, हमेशा करते हैं तरक्की

Sat, 10 Aug 2024 07:17 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सज्जन आदमी में होते हैं ये 3 गुण - फोटो : freepik
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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने एक महान ग्रंथ की रचना की है, जिसे चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है। इस नीति शास्त्र में धर्म-अधर्म, कर्म, पाप-पुण्य से जुड़ी सभी बातों का जिक्र है। इनका अध्ययन करने पर सफलता हासिल करने में आसानी होती हैं। आचार्य चाणक्य की गणना देश के महान विद्वानों में की जाती है। उन्हें न केवल किताबी विषयों का ज्ञान था, बल्कि जीवन में आने वाली हर परिस्थिति के समाधान से वह भली भांति परिचित थे।

 

यही कारण है कि आज भी उनकी नीतियां कठिन समय से निकलने में काम आती है। उनका मानना है कि आपके अंदर आत्मविश्वास है, तो बड़ी से बड़ी जंग को भी जीता जा सकता है। वहीं आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के उन तीन गुणों का उल्लेख भी किया है, जो उसे दूसरों से अलग बनाते हैं। आइए इनके बारे में जान लेते हैं।

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सन्तोषाऽमृततृप्तानां यत्सुखं शान्तचेतसाम् । 
न च तद् धनलुब्धानामितश्चेतश्च धावताम् ।।

आचार्य चाणक्य के इस श्लोक का अर्थ है कि जो व्यक्ति संतोषरूपी अमृत से तृप्त है और मन से शांत है,उस व्यक्ति को जो सुख मिलता है। वह धन के लिए इधर-उधर भागने वाले को कभी प्राप्त नहीं होता। चाणक्य के अनुसार मन से शांत रहने वाले व्यक्ति को हमेशा सुख की प्राप्ति होती है। वहीं लालच करने वाला इंसान हमेशा भागदौड़ में उलझा रहता है।

नाऽत्यन्तं सरलैर्भाव्यं गत्वा पश्य वनस्थलीम् । 
छिद्यन्ते सरलास्तत्र कुब्जास्तिष्ठन्ति पादपाः ।।

चाणक्य के अनुसार इंसान को इतना सीधा भी नहीं होना चाहिए कि लोग आपको दुर्बल और मूर्ख समझने लगे। उनका मानना है कि वन में जाकर देखो, सीधे वृक्ष काट दिए जाते हैं और टेढ़े-मेढ़े गांठों वाले पेड़ खड़े रहते हैं। 

वाचः शौचं च मनसः शौचमिन्द्रियनिग्रहः।
सर्वभूते दया शौचं एतच्छौत्रं पराऽर्थिनाम् ।।

आचार्य चाणक्य के इस श्लोक का अर्थ है कि व्यक्ति की वाणी की पवित्रता और मन की शुद्धि, इंद्रियों का संयम, प्राणिमात्र पर दया, धन की पवित्रता, मोक्ष प्राप्त करने वाले के लक्षण होते हैं। 

चाणक्य के अनुसार जो सज्जन व्यक्ति में प्राणिमात्र पर दया और धन की पवित्रता के गुण होते हैं। इनके चलते वह हमेशा समाज में मान-सम्मान प्राप्त करता है। इन गुणों को अपनाने पर इंसान के प्रभाव में भी वृद्धि होती हैं।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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