आज यानी 26 दिसंबर 2022 को गणेश चतुर्थी है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म में गौरी पुत्र भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य देव माने जाते हैं। किसी भी शुभ काम को करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि गणेश जी की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं। इसलिए उनको विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन व्रत रख कर शुभ योग में पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। गणेश चतुर्थी के दिन पूजा-पाठ के अलावा आरती पढ़ने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। यहां भगवान श्री गणेश की आरती लिरिक्स दी जा रही है, जिसके जरिए आप पूजा के दौरान इसे पढ़ सकते हैं...
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गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥