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Vinayaka Chaturthi 2022: आज विनायक चतुर्थी पर बन रहे कई शुभ योग, जानें पूजा विधि और महत्व

Mon, 26 Dec 2022 09:57 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vinayaka Chaturthi 2022 : आज यानी 26 दिसंबर को साल 2022 की आखिरी विनायक चतुर्थी है। विनायक चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन व्रत रखकर सुखकर्ता दुखहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है।
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आज विनायक चतुर्थी पर बन रहे कई शुभ योग, जानें पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
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विस्तार
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Vinayaka Chaturthi 2022 Date Puja Vidhi Muhurat and Significance: आज यानी 26 दिसंबर को साल 2022 की आखिरी विनायक चतुर्थी है। विनायक चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन व्रत रखकर सुखकर्ता दुखहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का पूजन करना शुभ फलदायी होता है। कहा जाता है कि चतुर्थी तिथि के दिन जो भी जातक विधि-विधान के साथ भगवान गणेश का पूजन करता है और व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही भगवान गणेश की कृपा से उसके सभी दुखों का नाश होता है। पंचांग के अनुसार आज यानी साल की आखिरी विनायक चतुर्थी को गणेश जी की पूजा के लिए बेहद उत्तम माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं विनायक चतुर्थी की पूजा विधि, मुहूर्त, शुभ योग और इसके महत्व के बारे में... 
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विनायक चतुर्थी 2022 तिथि व शुभ मुहूर्त 
पौष शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि प्रारंभ- 26 दिसंबर 2022, सोमवार सुबह 04 बजकर 51 मिनट से
पौष शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि समापन- 27 दिसंबर 2022, मंगलवार रात्रि 01 बजकर 37 मिनट पर
विनायक चतुर्थी तिथि- आज 26 दिसंबर 2022 
विनायक चतुर्थी 2022 पूजा मुहूर्त-  सुबह 11 बजकर 20 मिनट से दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक

विनायक चतुर्थी शुभ योग 
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 07 बजकर 12 मिनट से शाम 04 बजकर 42 मिनट तक
रवि योग- सुबह 07 बजकर 12 से शाम 04 बजकर 42 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12  बजकर 42 मिनट तक
अमृत काल- सुबह 07 बजकर 27 मिनट से 08 बजकर 52 मिनट तक

विनायक चतुर्थी पूजन विधि
  • विनायक चतुर्थी के दिन प्रातः उठकर स्नानादि करने के पश्चात पूजा स्थान की साफ-सफाई करें और गंगाजल छिड़कें।
  • भगवान गणेश को वस्त्र पहनाएं और मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • सिंदूर से गणेश जी का तिलक करें और पुष्प अर्पित करें।
  • इसके बाद विघ्नहर्ता श्री गणेश को 21 दूर्वा की गांठ अर्पित करें।
  • गणेश जी को घी के मोतीचूर के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं।
  • पूजा पूर्ण होने के बाद आरती करें और पूजन में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगे।

विनायक चतुर्थी महत्व
भगवान गणेश बुद्धि, शुभता और विघ्न बाधाओं को दूर करने वाले देव हैं। ऐसे में गौरी पुत्र श्री गणेश की पूजा-आराधना करने से जीवन में शुभता और सकारात्मकता बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति के कार्यों में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं। मान्यता है कि यदि विधि-विधान से भगवान गणेश का पूजन किया जाए तो वे प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं।
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