चमत्कार की कथा सिर्फ पुराणों में ही नहीं है। दुनिया के दूसरे धर्मों में भी ईश्वर के चमत्कारों की कहानियां हैं। ऐसी ही एक चमत्कार की कहानी ईसा मसीह के बारे प्रचलित है।
एक बार ईसा मसीह अपने अनुयायियों के साथ एक कबीले में थे। ईसा जब अनुयायियों के साथ भोजन कर चुके थे और सारा भोजन खत्म हो चुका था। तभी ईसा के एक अनुयायी ने कहा कि आपसे मिलने के लिए काफी लोग आ रहे हैं।
ईसा ने देखा कि लोग भूख-प्यास से व्याकुल हैं। इन्होंने अपने एक अनुयायी को बुलाकर पूछा कि इनके लिए भोजन है। अनुयायी ने कहा कि भोजन समाप्त हो चुका है। ईसा ने कहा कि जाकर एक बार बर्तन देख लो। अनुयायी ने आकर बताया कि एक रोटी और एक मछली बची है।
ईसा ने कहा कि उसे मेरे पास ले आओ। ईसा ने रोटी के टुकड़े करके टोकरी में रख दिए और कहा कि लोगों को खिला दो। ऐसा चमत्कार हुआ कि सभी लोग खाने के बाद भी रोटी के उतने टुकड़े बचे थे जो ईसा ने किए थे।