Somvati Amavasya 2022: सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव का अभिषेक पूरे नियम से करने से वह प्रसन्न होकर सौभाग्य का वरदान देते हैं।
- फोटो : अमर उजाला।
सोमवती अमावस्या का महत्व
सोमवती अमावस्या के दिन महिलाएं संतान और जीवनसाथी की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। व्रत में महिलाएं पीपल के पेड़ की पूजा करती हैं। ऐसी मान्यता है कि पीपल के वृक्ष के मूल भाग में भगवान विष्णु, अग्रभाग में ब्रह्मा और तने में भगवान शिव का वास होता है, इसलिए सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का महत्व है। सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव को व्रत द्वारा प्रसन्न किया जाता है। महिलाएं सोमवती अमावस्या के व्रत को अपने पति की दीघार्यु की कामना से रखती हैं। यह व्रत कोई भी व्यक्ति रख सकता है। सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव का अभिषेक पूरे नियम से करने से वह प्रसन्न होकर सौभाग्य का वरदान देते हैं। आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या पर कैसे करें भगवान शिव का अभिषेक-
Somvati Amavasya 2022: सोमवती अमावस्या के दिन शिवालय जाकर जल में दूध मिलाकर शिवजी का अभिषेक करें।
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ऐसे करें भगवान शिव का अभिषेक
- सोमवती अमावस्या के दिन प्रातः पैरों के नीचे आक के पत्ते सिर और माथे पर रखकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए स्नान करें।
- शिवालय जाकर जल में दूध मिलाकर शिवजी का अभिषेक करें।
- बेलपत्र और धतूरे को शिवजी को अर्पित करें।
- अगर शिवालय जा पाना संभव न हो तो घर पर ही मिट्टी का शिवलिंग बनाकर इनका अभिषेक करें।
- जो लोग घर में पारद शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं वह इस शुभ संयोग का लाभ उठा सकते हैं।
- घर पर पारद शिवलिंग की पूजा करना भी उत्तम रहेगा।
Somvati Amavasya 2022: पितृ तर्पण के लिए सोमवती अमावस्या का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है।
सोमवती अमावस्या पर दान पुण्य करना उत्तम
- सोमवती अमावस्या के दिन अन्न का दान करें। आप अपनी श्रद्धा अनुसार चावल दालए नमक तिल का दान कर सकते हैं।
- पितृ तर्पण के लिए सोमवती अमावस्या का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है, इसलिए दोपहर के समय पितरों की शांति के लिए पूजा करें।