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रामलीला, तीन भाई ही नहीं भगवान राम की एक बहन भी थी

Sat, 05 Oct 2013 11:41 AM IST
टीम डिजिटल
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नवरात्र और रामलीला का अनोखा मेल है। क्योंकि इन्हीं दस दिनों में श्री राम ने रावण से युद्घ किया था और रावण राज का अंत किया था। रामलीला की पारंपरिक कहानी आप हर बार पंडालों में देखते होंगे लेकिन हम आपके लिए एक ऐसी रामलीला लेकर आए हैं जिसके बारे में आपने कम ही पढ़ा या सुना होगा। इसी क्रम में आज राम जन्म और उनकी बहन की कहानी लेकर आए हैं।
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रामायण में भगवान राम और उनके तीन भाईयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का उल्लेख तो कई जगह मिलता है लेकिन इनकी बहन भी थी इसका उल्लेख कम ही मिलता है। भागवत में भगवान राम के अवतार लेने के संदर्भ में इनकी बहन का जिक्र आया है।

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राजा दशरथ और इनकी तीनों रानियां इस बात को लेकर चिंतित रहती हैं कि पुत्र नहीं होने पर उत्तराधिकारी कौन होगा। इनकी चिंता दूर करने के लिए ऋषि वशिष्ठ सलाह देते हैं कि आप अपने दामाद ऋंग ऋषि से पुत्रेष्ठी यज्ञ करवाएं। इससे पुत्र की प्राप्ति होगी।
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ऋंग ऋषि का विवाह राजा दशरथ की इकलौती पुत्री शांता से हुआ था। राजा दशरथ ने अपनी पुत्री शांता को रोमपाद नामक के राजा को गोद दे दिया था। शांता के कहने पर ही ऋंग ऋषि राजा दशरथ के लिए पुत्रेष्ठी यज्ञ करने के लिए तैयार हुए थे।

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इसका कारण यह था कि यज्ञ कराने वाले का जीवन भर का पुण्य इस यज्ञ की आहुति में नष्ट हो जाता। राजा दशरथ ने ऋंग ऋषि को यज्ञ करवाने के बदले बहुत सा धन दिया जिससे इनके पुत्र और कन्या का भरण-पोषण हुअा और यज्ञ से प्राप्त खीर से राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। ऋंग ऋषि फिर से पुण्य अर्जित करने के लिए वन में जाकर तपस्या करने लगे।
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