माता को आप किसी भी रुप में याद करें इससे माता को कोई फर्क नहीं पड़ता, बस जरुरी है कि आपकी श्रद्घा मां में होनी चाहिए। इसकी एक जीती जागती मिसाल है पाकिस्तान में स्थित माता का एक शक्तिपीठ।
इस शक्तिपीठ को जहां हिन्दू देवी हिंगलाज के रुप में पूजते है वहीं मुसलमान नानी का हज कहते हैं। यही कारण है कि इस शक्तिपीठ में आकर हिंदू और मुसलमान का भेद भाव मिट जाता है। दोनों ही संप्रदाय के लोग भक्ति पूर्वक माता की पूजा करते हैं।
हिंगलाज देवी शक्तिपीठ के विषय में ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है कि जो एक बार माता हिंगलाज के दर्शन कर लेता है उसे पूर्वजन्म के कर्मों का दंड नहीं भुगतना पड़ता है।