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Nag Panchami 2020: भगवान शिव-माता पार्वती की पांच नागकन्याओं के बारे में जानते हैं आप

Thu, 23 Jul 2020 06:43 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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शिव- पार्वती(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

नागपंचनी सावन में पड़ने वाले त्योहारों में से एक प्रमुख त्योहार है। यह विशेष तौर पर नागदेवता को पूजने का दिन है। नाग भगवान शिव के सेवक हैं। ये शिव जी को प्रिय हैं। नागदेवता के साथ इस दिन शिव जी की पूजा करने का विधान भी है। शिव जी के पुत्र गणेश और कार्तिकेय के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि उनकी पांच पुत्रियां भी हैं, जो नागकन्या हैं। शिव पुराण में उनकी एक पुत्री का जिक्र मिलता है, जिन्हें देवी मनसा के नाम से जाना जाता है, ये नागों की देवी हैं। मधुश्रावणी में एक कथा मिलती है। जिसके मुताबिक शिव जी की पांच पुत्रियां भी हैं। जिनका जन्म अन्जाने में ही हुआ था। जानते हैं, कौन है शिव की कन्याएं क्या हैं उनके नाम..

 

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शिव पार्वती(प्रतीकात्मक तस्वीर)

शिव जी की कन्याओं से जुड़ी कथा

 

कथा के अनुसार एक बार माता पार्वती और शिव जी जल क्रीडा कर रहे थे। उसी समय संयोग वश भगवान शिव का वीर्यस्खलन हो गया। भगवान शिव ने अपने वीर्य को एक पत्ते पर रख दिया। उनके वीर्य से पांच कन्याओं का जन्म हुआ। लेकिन ये कन्याएं मनुष्य रूप में नहीं थी। ये नागकन्याएं थीं। भगवान शिव को तो इनके बारे में ज्ञान था। लेकिन माता पार्वती इस बारे में कुछ नहीं जानती थी। भगवान शिव अपने पुत्रों की तरह ही अपनी पुत्रियों को भी प्रेम करते थे।

जब माता पार्वती को हुआ शिव जी पर शक

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शिव पार्वती(प्रतीकात्मक तस्वीर)

शिव जी अपनी कन्याओं से मिलने के लिए रोज प्रातः काल के समय सरोवर पर जाते थे। जब यही क्रम प्रतिदिन चलने लगा तो माता पार्वती ने सोचा की महादेव प्रतिदिन कहां जाते हैं। माता ने इस रहस्य का पता लगाने का निश्चय किया। एक दिव जब शिव जी प्रातः काल के समय सरोवर पर जाने के लिए निकले तो माता भी चुपचाप उनके पीछे चल दी। पार्वती जी ने जब देखा की शिव जी तो नागकन्याओं के साथ पिता की तरह खेल रहें हैं। ये देखकर पार्वती जी को क्रोध आ गया। माता ने जैसे ही उन कन्याओं को मारने के लिए अपना पांव उठाया शिव जी ने उन्हें रोक लिया और कहा कि ये आपकी भी पुत्रियां हैं। शिव जी ने माता पार्वती को कन्याओं के जन्म की पूरी कथा बताई। इससे माता का क्रोध शांत हो गया।

 

 

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शिव पार्वती(प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्या हैं शिव जी की पुत्रियों का नाम

शिव जी की यें पांच नाग कन्याएं शामिलबारी, जया, विषहर, देव और दोतलि है। भगवान शिव कहा कि जो भी सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन इन नाग कन्याओं की पूजा करेगा, उनके परिवार को सर्पदंश का भय नहीं रहेगा। नाग पंचमी के दिन इन पांच कन्याओं की पूजा करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। सावन कृष्ण पंचमी और सावन शुक्ल पंचमी के दिन इन पांच नाग कन्याओं की पूजा करने का प्रावधान है।

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