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Kartik Month: आज से शुरू कार्तिक मास, भूलकर भी न करें ये काम

Thu, 21 Oct 2021 10:42 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला

सार

कार्तिक मास 21 अक्टूबर से प्रारंभ है। कार्तिक मास वैसे तो बहुत फलदायी है लेकिन इन दिनों हमें भूलकर भी कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिसका हमें अशुभ फल भुगतना पड़े।
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कार्तिक मास (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
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विस्तार
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कार्तिक मास का आरंभ हो चुका है। शास्त्रों में कार्तिक मास को उत्तम मास बताया है क्योंकि इस माह भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं। स्कन्द पुराण के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध भी इसी माह में किया था, इसके लिए इसका नाम कार्तिक पड़ा। साथ ही भगवान विष्णु नारायण रूप में धरती पर जल में विश्राम करते हैं। इस मास में पवित्र नदियों में स्नान, दान, उपासना, हवन आदि करने के विशेष महत्व है। कार्तिक माह में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से धरती के सभी तीर्थों का पुण्य प्राप्त होता है। कार्तिक मास में दीपदान का भी विशेष महत्व बताया गया है।

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पद्म पुराण, नारद पुराण और स्कन्द पुराण में कार्तिक मास का विशेष माहात्म्य बताया है। इस मास में की गई प्रार्थना सीधे देवों तक पहुंचती है, इसलिए इसे मोक्ष का द्वार भी कहा गया है। कार्तिक मास 21 अक्टूबर से प्रारंभ है। कार्तिक मास वैसे तो बहुत फलदायी है लेकिन इन दिनों हमें भूलकर भी कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिसका हमें अशुभ फल भुगतना पड़े। आइए जानते हैं क्या है वो कार्य जो हमें भूलकर भी नहीं करने चाहिए। 

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  • कार्तिक मास में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि तामसिक भोजन एवं नशीले पदार्थों का सेवन न करें। 
  • कार्तिक मास में भूमि शयन उत्तम माना जाता है, इससे मन में सात्विक भवन का विकास होता है। इसलिए इस माह में भूलकर भी  बेड या पलंग पर न सोएं। 
  • कार्तिक महीने में दलहन अर्थात उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर, राई आदि नहीं खाना चाहिए।
  • कार्तिक मास में सिर्फ नरक चतुर्दशी के अलावा किसी अन्य दिन तेल लगाने से परहेज करना चाहिए, ऐसा करने से आर्थिक हानि होने की संभावना है। 
  • कार्तिक मास में ब्रह्मचर्य का पालन भी अति आवश्यक बताया गया है,वरना चंद्रमा के दुष्प्रभाव आपको व्यथित कर सकते हैं। 
  • कार्तिक मास में दोपहर के समय सोना नहीं चाहिए, यदि आप दोपहर में सोते हैं तो आपको स्वास्थ्य हानि हो सकती। 
  • कार्तिक मास में बैगन, दही, छाछ, जीरा आदि  खाने की चीजों से परहेज करना चाहिए। 
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