फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indira ekadashi 2021: इस दिन है अश्विन मास की एकादशी, जानिए तारीख, महत्व व पूर्ण पूजा विधि

Tue, 21 Sep 2021 02:10 PM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

  • अश्विन मास में कृष्ण पक्ष की इंदिरा एकादशी 2 अक्टूबर 2021 दिन शनिवार को पड़ रही है।
  • पितृपक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है।
  • यहां जानिए इंदिरा एकादशी व्रत का महत्व सहित पूजा विधि।
विज्ञापन
1 of 4
इंदिरा एकादशी 2021 - फोटो : pinterest
सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है। प्रत्येक माह में दोनों पक्षों, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी का व्रत-पूजन किया जाता है। इस तरह से एक माह में दो और पूरे वर्ष में 24 एकादशी तिथि पड़ती हैं। अश्विन मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार इंदिरा एकादशी 2 अक्टूबर 2021 दिन शनिवार को पड़ रही है। यह एकादशी पितृपक्ष पड़ती है। इस दिन उपवास करना बहुत फलदाई माना जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा करने का प्रावधान है। मान्यता अनुसार जो इस दिन व्रत और पूजन करते हैं उन्हें इस जीवन में सुख भोगने के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। जानते हैं इंदिरा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूर्ण पूजा विधि।
विज्ञापन

2 of 4
इंदिरा एकादशी 2021 - फोटो : lord vishnu (demo pic)
इंदिरा एकादशी महत्व-
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को नियम और निष्ठा पूर्वक करने से मनुष्य को जन्म और मरण के चक्र से मुक्ति प्राप्त होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इंदिरा एकादशी पितृपक्ष में पड़ती है। मान्यता है कि यदि इस एकादशी का व्रत करके उसका पुण्य पितरों को समर्पित कर दिया जाए तो उन्हें भी मोक्ष की प्राप्ति होती है।
 
विज्ञापन

3 of 4
इंदिरा एकादशी 2021
इंदिरा एकादशी का शुभ मुहूर्त

अश्विन मास कृष्ण पक्ष एकादशी आरंभ- 01 अक्टूबर 2021 रात को 11बजकर 03 मिनट से 
 
अश्विन मास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि समाप्त- 2 अक्टूबर 2021 रात को 11 बजकर 10 मिनट पर
 
इंदिरा एकादशी व्रत पारण का समय- 03 अक्टूबर 2021 को प्रातः 06 बजकर 15 मिनट से 08 बजकर 37 मिनट तक
 
विज्ञापन

4 of 4
इंदिरा एकादशी 2021 - फोटो : Social media
इंदिरा एकादशी व्रत एवं पूजा विधि
  • प्रत्येक एकादशी व्रत की तरह इंदिरा एकादशी के नियम भी दशमी तिथि से आरंभ होकर द्वादशी तिथि को समाप्त होते हैं।
  • एकादशी तिथि के दिन जल्दी उठकर स्नानादि करके निवृत्त हो जाएं।
  • अब भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का ध्यान करें और इंदिरा एकादशी व्रत एवं पूजा का संकल्प लें। 
  • यदि आपके घर में शालिग्राम हैं तो पूजा के स्थान पर स्थापित करें या फिर भगवान विष्णु की तस्वीर को स्थापित करें। 
  • इसके बाद गंगाजल, रोली, चंदन, धूप, दीप, फल, फूल आदि से पूजन करें। 
  • इंदिरा एकादशी के महात्म्य की कथा पढ़ें या श्रवण (सुनना) करें।
  • इस दिन विष्णु सहस्रनाम और विष्णु सतनाम स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं।
 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें