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इंदिरा एकादशी पर 6 जगह जरूर जलाएं दीपक, पितृ दोष से मुक्ति के लिए किए जाते हैं ये आसान उपाय

Tue, 06 Oct 2026 06:01 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Indira Ekadashi 2026: पितृ पक्ष में पड़ने वाली इंदिरा एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन दीपक जलाने से पितरों की शांति और आशीर्वाद की कामना की जाती है। मान्यता है कि कुछ खास जगहों पर दीपदान करना शुभ फलदायी होता है।

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इंदिरा एकादशी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Indira Ekadashi 2026: अश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। पितृ पक्ष के दौरान पड़ने के कारण इस एकादशी का संबंध पितरों के श्राद्ध और तर्पण से माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन दीपदान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं इंदिरा एकादशी पर किन 6 जगहों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

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पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं दीपक
इंदिरा एकादशी की शाम पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल या घी का दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में पीपल को देवताओं और पितरों से जुड़ा पवित्र वृक्ष माना गया है। कहा जाता है कि यहां दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और पितृ ऋण से मुक्ति की कामना की जाती है।

मुख्य द्वार पर जलाएं एक दीपक

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इंदिरा एकादशी की शाम घर के मुख्य दरवाजे पर भी दीपक जलाया जा सकता है। मान्यता है कि घर के प्रवेश द्वार पर दीपक जलाने से सकारात्मकता आती है और पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त होती है। दीपक रखते समय घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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रसोईघर में करें दीपदान
हिंदू परंपरा में रसोई को मां अन्नपूर्णा से जुड़ा पवित्र स्थान माना जाता है। इंदिरा एकादशी पर शाम के समय रसोई में भी एक दीपक जलाने की मान्यता है। ऐसा करने से घर में अन्न-धन की समृद्धि और पूर्वजों के आशीर्वाद की कामना की जाती है।

नदी के किनारे जलाएं दीपक
इंदिरा एकादशी पर किसी पवित्र नदी के किनारे दीपदान करना भी शुभ माना जाता है। गंगा, यमुना जैसी नदियों के तट पर दीपक जलाकर पितरों का स्मरण और प्रार्थना की जाती है। यदि नदी के किनारे जाना संभव न हो, तो घर पर जल से भरे कलश के पास दीपक रखकर श्रद्धापूर्वक दीपदान किया जा सकता है।
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तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीपक

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शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा भी है। तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। इंदिरा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण तुलसी पूजन और दीपदान को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

विष्णु मंदिर में करें दीपदान
इंदिरा एकादशी के दिन किसी विष्णु मंदिर या घर के पूजा स्थान पर दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा की जा सकती है। पितृ पक्ष में पितरों का स्मरण करते हुए भगवान विष्णु से उनकी शांति और सद्गति की प्रार्थना करने की परंपरा है। श्रद्धा के साथ किया गया दीपदान धार्मिक दृष्टि से पुण्यकारी माना जाता है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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