कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन (गिरीराज भगवान) पूजा की जाती है। इस वर्ष गोवर्धन का त्योहार 15 नवंबर को मनाया जाएगा। कथाओं के अनुसार गोवर्धन पूजा द्वापर युग से चली आ रही है। कृष्ण जी ने ब्रजवासियों की रक्षा करने के लिए 7 दिनों तक अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा कर रखा था। गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजन किया जाताहै। इस दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा का विशेष महत्व माना जाता है। गोवर्धन भगवान और कृष्ण जी की विशेष कृपा पाने के लिए लोग इस दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं। लोग गोवर्धन की परिक्रमा के समय कुछ गलतियां कर देते हैं, जिससे उन्हें पूरी कृपा नहीं मिल पाती है। परिक्रमा करते समय की गई कुछ गलतियों के कारण लोग पाप के भागीदार भी बनते हैं, इसलिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हुए नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक माना गया है। जानते हैं।