कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि यानि दिवाली के अगले दिन गोवर्धन का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा 15 नवंबर 2020 दिन रविवार के दिन की जाएगी। इस दिन घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की अल्पना बनाई जाती है। गोबर से ही ग्वाल-बाल और गायों, बछड़ों की आकृति भी बनाई जाती है और कृष्ण जी के समक्ष सभी की पूजा अर्चना करते हैं। इस दिन लोग गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी करते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन विशेषतौर पर गायों की पूजा और सेवा की जाती है। गायों को मिष्ठान खिलाए जाते हैं फूल माला पहनाकर उनकी आरती की जाती है। तो चलिए जानते हैं कि गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा का क्या महत्व है।