प्रत्येक वर्ष लोक आस्था का महापर्व छठ कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है। छठ पर्व की शुरुआत 8 नवंबर को नहाए-खाय के साथ हुई थी। 9 नवंबर को छठ पर्व का दूसरा दिन खरना मनाया गया। 10 नवंबर को डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया गया और आज यानि 11 नवंबर यानी को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न होगा। इस पर्व में 36 घंटे निर्जला व्रत रख सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। कहते हैं जो लोग संतान सुख से वंचित हैं उनके लिए ये व्रत वरदान साबित होता है। आइए जानते हैं छठ पर्व की पूजा विधि, सामग्री, और अर्घ्य देने का समय
संध्या अर्घ्य और प्रात:काल के अर्घ्य का समय
10 नवंबर (संध्या अर्घ्य) सूर्यास्त का समय : सायं 05:30 बजे
11 नवंबर (प्रात:काल अर्घ्य) सूर्योदय का समय : प्रातः 06:41