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Chaturmas 2024: शुरू होने जा रहे हैं चातुर्मास , 4 महीने के लिए रुक जाएंगे सभी मांगलिक कार्य

Tue, 02 Jul 2024 12:46 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chaturmas 2024: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी या हरिशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। देवशयनी एकादशी से श्री हरिविष्णु चार मास के लिए निद्रा में लीन हो जाते हैं। इसीलिए इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है और कार्तिक मास में आने वाली देवउठनी एकादशी में शयनकाल समाप्त होता है और इसी के साथ चातुर्मास भी समाप्त हो जाता है।  
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चातुर्मास 2024 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Chaturmas Ke Niyam: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी या हरिशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी के दिन से ही श्री हरि विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। मान्यता के अनुसार इस बीच सम्पूर्ण सृष्टि का दायित्व भगवान भोलेनाथ के ऊपर होता है। देवशयनी एकादशी से श्री हरिविष्णु चार मास के लिए निद्रा में लीन हो जाते हैं। इसीलिए इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है और कार्तिक मास में आने वाली देवउठनी एकादशी में शयनकाल समाप्त होता है और इसी के साथ चातुर्मास भी समाप्त हो जाता है।   आइए जानते हैं कब से शुरू हो रहे हैं चातुर्मास और क्या हैं इससे जुड़े नियम। 

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चातुर्मास 2024 - फोटो : istock
चातुर्मास 2024 में कब शुरू ?
चातुर्मास का प्रारंभ 17 जुलाई 2024 से हो रहा है। इसी दिन देवशयनी एकादशी भी है। चातुर्मास का समापन 12 नवंबर 2024 को देवउठनी एकादशी पर होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ महीने के अंतिम दिनों में चातुर्मास शुरू हो जाता है, जो कि सावन, भाद्रपद, अश्विन और कार्तिक महीने तक रहता है। 

चातुर्मास 2024 - फोटो : istock
चातुर्मास में न करें ये काम 
  • चातुर्मास के दौरान विवाह समारोह, सगाई, मुंडन, बच्चे का नामकरण, गृहप्रवेश जैसे तमाम मांगलिक कार्य करने की मनाही है.
  • अगर आप चातुर्मास के दौरान चार माह का व्रत रखते हैं या कोई विशेष साधना करते हैं तो इस बीच यात्रा न करें। 
  • चातुर्मास के दौरान दही, मूली, बैंगन और साग आदि खाना वर्जित माना जाता है। 
  • झूठ, छल, कपट, ईर्ष्या, कटु वचन जैसी आदतों से दूर रहें। 
  • संभव हो तो किसी का दिल न दुखाएं और खुद पर संयम बनाए रखें। 
  • चातुर्मास के दौरान तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। 
  • ब्रह्मचर्य का भी पालन करना चाहिए। 
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चातुर्मास 2024 - फोटो : istock
चातुर्मास में करें ये काम 
  • चातुर्मास के दौरान श्रीहरि विष्णु की उपासना करनी चाहिए। 
  • आप इस दौरान विशेष अनुष्ठान, मंत्र जाप, गीता का पाठ आदि कर सकते हैं। 
  • चातुर्मास में दान-पुण्य जरूर करें। आप  धन, वस्त्र, छाता, चप्पल और अन्न का दान अपनी क्षमता के अनुसार कर सकते हैं। 
  • इससे आपकी तमाम समस्याएं दूर होंगी। 
  • चातुर्मास के दौरान संयमित जीवन जीने का अभ्यास करें। 
  • सुबह जल्दी उठें और रात को जल्दी सोएं। 
  • सादा भोजन करें और समय पर भोजन करें। 
  • वाणी को संयमित रखें और सोच-समझकर बात करें। 
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