गीता में कहा गया कि संसार से किसी व्यक्ति की आत्मा को तब तक मुक्ति नहीं मिल सकती जब तक उसकी इच्छाएं, वासनाएं और मोह खत्म नहीं हो जाए। जब तक व्यक्ति मोह जाल में फंसा रहता है उसे बार-बार जन्म लेना पड़ता है।
लेकिन जब कोई मोह के जाल में इस कदर फंस जाए कि उसे अपने पूर्वजन्म की यादों से भी मुक्ति नहीं मिले तो इसे क्या कहेंगे। ऐसा ही एक किस्सा है उत्तर प्रदेश के एटा क्षेत्र के नगला गुलाल गांव की।
यहां बीते साल एक 22 वर्ष के युवक राजू यादव ने उस समय लोगों को हैरान कर दिया जब उसने बताया कि उसका पुनर्जन्म हुआ है। वह ननऊ गांव का रहने वाला जसवंत यादव उर्फ दशरथ है।
इसने बताया कि इसकी मौत सांप के कटने से हुई थी। इसने अपने पूर्वजन्म की पत्नी शीला और बेटे बहुओं को भी पहचान लिया है। अपने भाईयों एवं दूसरे रिश्तेदारों को भी इसने पहचानने का दावा किया है। ननऊ गांव के लोग और राजू के पर्वजन्म के रिश्तेदार भी इनकी बातों को सच मान रहें।