विशेष उपाय और पूजा विधि
- विवाह पंचमी पर माता जानकी को सुहाग सामग्री अर्पित करना और ब्राह्मण स्त्रियों को दान देना शुभ माना जाता है। इससे शादी में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, और वर-वधु के लिए अच्छे रिश्ते प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है।
- इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता का पूजन करते समय श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी माना गया है। मान्यता है कि इससे संतान संबंधी इच्छाओं की पूर्ति होती है।
- यदि रिश्ता तय होने के बाद टूट रहा हो, तो विवाह पंचमी पर विधि-विधान से राम-सीता विवाह का आयोजन करें। साथ ही, इस दिन व्रत रखकर किसी जरूरतमंद कन्या के विवाह में सहायता करने का संकल्प लेना भी शुभ माना गया है।
- यदि प्रेम विवाह में बाधाएं आ रही हैं, तो विवाह पंचमी पर दंपत्ति को रामचरितमानस में वर्णित राम-सीता प्रसंग का पाठ करना चाहिए।
- श्रीहरि विष्णु और देवी लक्ष्मी का गाय के दूध में केसर मिलाकर अभिषेक करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। इससे विवाह में आने वाली समस्याएं समाप्त होती हैं। विवाह पंचमी पर इन शुभ कर्मों और पूजन विधियों से वैवाहिक जीवन में खुशहाली और इच्छित फल प्राप्त किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।