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15 अक्तूबर से नवरात्रि आरंभ, जानिए नवरात्रि स्थापना के दिन देवी जिस वाहन पर आती है उसके पीछे के संकेत

Wed, 11 Oct 2023 11:02 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

जिस दिन नवरात्रि का आरंभ होता है उस दिन के हिसाब से माता हर बार अलग-अलग वाहनों से आती हैं। माता का अलग-अलग वाहनों से आना भविष्य के लिए संकेत भी होता है।
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Navratri 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रत्येक वर्ष आश्विन मास में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का आरंभ होता है, जिसमें पूरे नौ दिनों तक मां आदिशक्ति जगदम्बा का पूजन किया जाता है। हिंदू पंचाग के अनुसार इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का आरंभ रविवार 15 अक्तूबर 2023 से हो रहा है। दुर्गम नाम के असुर का वध करने के बाद माँ भगवती दुर्गा के नाम से विख्यात हुई। देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि महालया के दिन जब पितृगण धरती से लौटते हैं तब मां दुर्गा अपने परिवार और गणों के साथ पृथ्वी पर आती हैं। वैसे तो माँ दुर्गा की सवारी शेर है लेकिन जिस दिन नवरात्रि का आरंभ होता है उस दिन के हिसाब से माता हर बार अलग-अलग वाहनों से आती हैं। माता का अलग-अलग वाहनों से आना भविष्य के लिए संकेत भी होता है। जिससे यह पता चलता है कि आने वाला साल कैसा रहेगा। देवी भगवत में इस संबंध में एक श्लोक है-

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शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे।
गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता

इसका अर्थ है सोमवार व रविवार को प्रथम पूजा यानी कलश स्थापन होने पर मां दुर्गा हाथी पर आती हैं। शनिवार तथा मंगलवार को कलशस्थापन होने पर माता का वाहन घोड़ा होता है। गुरुवार अथवा शुक्रवार के दिन कलश स्थापन होने पर माता डोली पर चढ़कर आती हैं। बुधवार के दिन कलश स्थापन होने पर माता नाव पर सावर होकर आती हैं। माता जिस वाहन से पृथ्वी पर आती हैं उसके अनुसार वर्ष का आंकलन किया जाता है। इस साल माता का वाहन हाथी होगा क्योंकि नवरात्रि का आरंभ रविवार से हो रहा है।माँ का प्रस्थान या विदाई मुर्गे पर हो रही है,इसे अशुभ माना जाता है।इस वर्ष नवरात्र पूरे नौ दिन के हैं कोई तिथि घट या बढ़ नहीं रही है।
  
हाथी पर सवार होकर आने का प्रभाव
ज्योतिष मान्यता के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन के आधार पर हाथी पर माता का आगमन इस बात की ओर संकेत कर रहा है कि इस साल खूब अच्छी वर्षा होगी और खेती अच्छी होगी। देश में अन्न धन का भंडार बढ़ेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि में जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो ये बेहद शुभ माना जाता है। हाथी पर सवार होकर मां दुर्गा अपने साथ ढेर सारी खुशियां और सुख-समृद्धि लेकर आती हैं। मां का वाहन हाथी ज्ञान व समृद्धि का प्रतीक है। इससे देश में आर्थिक समृद्धि आयेगी साथ ही ज्ञान की वृद्धि होगी। लोगों के बिगड़े काम बनेंगे व माता रानी की पूजा अर्चना करने वाले भक्तों पर विशेष कृपा बरसेगी।
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अन्य वाहन पर आने का प्रभाव
शनिवार या मंगलवार नवरात्र प्रारम्भ होने पर देवी का वाहन घोड़ा होता है। माँ दुर्गा का घोड़े पर आना सत्ता परिवर्तन या युद्ध का प्रतीक है। यह सत्ता पक्ष के लिए प्रतिकूल व विपक्ष के लिए शुभ स्थिति बनाता है।गुरुवार या शुक्रवार के दिन नवरात्र प्रारंभ हो तो देवी पालकी में बैठकर आती है।यह अशुभ होता है,इससे महामारी,दंगे,प्राकृतिक आपदा और जन हानि जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।इसी प्रकार बुधवार के दिन नवरात्र की शुरुआत हो तो देवी दुर्गा नाव पर सवार होकर आती है।देवी का नाव पर आगमन हर प्रकार से शुभ माना गया है।    

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