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Sharad Purnima 2024: आश्विन माह की पूर्णिमा है बेहद खास, इस दिन व्रत रखने से चंद्र दोष होगा दूर

Tue, 15 Oct 2024 02:29 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शरद पूर्णिमा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन को हिंदू धर्म में विशेष माना जाता है। चंद्र दोष से मुक्ति और मन की शांति के लिए शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है।
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sharad purnima 2024 - फोटो : amar ujala
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Sharad Purnima 2024: चंद्र दोष से मुक्ति और मन की शांति के लिए शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन को हिंदू धर्म में विशेष माना जाता है। मान्यता है इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ रास रचाया था, इसलिए इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह भी माना जाता है कि शरद पूर्णिमा वह दिन है जब देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं। इस दिन मां लक्ष्मी घर-घर जाकर भक्तों को धन-संपदा और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

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Sharad Purnima 2024: शरद पूर्णिमा कल, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें

पंचांग के अनुसार शरद पूर्णिमा 2024 में 16 बुधवार की रात 07:47 बजे से शुरू होकर 17 अक्तूबर गुरुवार की शाम 05:22 बजे तक रहेगी। चंद्रमा का उदय 16 अक्तूबर  को शाम 04:50 बजे होगा और चंद्रास्त 17 अक्तूबर  को सुबह 05:30 बजे तक होगा। इस दिन पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 17 अक्तूबर  को किया जाएगा क्योंकि चंद्रमा का पूजन शाम 05:22 बजे तक संभव रहेगा। 
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Sharad Purnima 2024: शरद पूर्णिमा कल, सुख-समृद्धि और आरोग्य के लिए करें ये अचूक उपाय
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शरद पूर्णिमा पर पूजा करने से चंद्र दोष होता है दूर 

  • शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा करने से चंद्र दोष दूर होते हैं। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर या नीच राशि में है या उनकी कुंडली में चंद्रग्रहण योग  है, उन्हें इस दिन चंद्रमा की रोशनी में बैठकर ध्यान करना चाहिए। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और चंद्र दोष से मुक्ति मिलेगी। 
  •  इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा करने से भी चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन महिलाओं को भोजन कराना और सूर्यास्त से पहले दान करना भी परिवार की खुशहाली और समृद्धि के लिए अच्छा शगुन माना जाता है। इस दिन सूर्यास्त के बाद बालों में कंघी करना या आग पर बर्तन रखना अपशकुन माना जाता है। 
  • शरद पूर्णिमा का व्रत रखने से मन शांत होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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