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Sawan 2021: सावन में मनचाहा फल प्राप्त करने के लिए इन फूलों से करें शिवजी की पूजा

Mon, 26 Jul 2021 07:13 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद

सार

जो शिव भक्त लक्ष्मी प्राप्ति की इच्छा रखता हो उसे कमल, बिल्वपत्र और शंखपुष्प से भगवान आशुतोष की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। यदि एक लाख की संख्या में इन पुष्पों द्वारा भगवान शिव की पूजा संपन्न हो जाए तो सारे पापों का नाश होता है और लक्ष्मी की प्राप्ति हो जाती है।
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शिवपुराण कहता है,शिवपूजा में इन पुष्पों को चढ़ाने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रावण मास अर्थात सावन का महीना शीश पर चंद्रमा और गंगा को धारण करने वाले भगवान शिव को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने का पर्व भी है। यह महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इसी मास में जगत जननी देवी पार्वती ने कठोर तप एवं व्रत करके शिव को प्रसन्न किया और उन्हें पति रूप में प्राप्त किया। वहीं एक अन्य मान्यता के अनुसार सावन के महीने में शिवजी ने समुद्र मंथन से निकला विष पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। इसी कारण इस महीने में शिव पूजा का महत्त्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता यह है कि इस मास में प्रातः जल्दी उठकर स्नान के बाद भक्ति भाव और विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन एवं अभिषेक करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं,उन्हें किसी तरह का कोई भय नहीं रहता। विवाहित महिलाओं को अपने सौभाग्य में वृद्धि के लिए तथा अविवाहित कन्याओं को शीघ्र विवाह तथा गुणवान पति पाने की अभिलाषा के साथ इस माह में व्रत रखना तथा भगवान शिव का अभिषेक करना विशेष रूप से लाभदायक होता है। शिवपुराण कहता है,शिवपूजा में इन पुष्पों को चढ़ाने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
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कमल,बिल्बपत्र और शंखपुष्प
जो शिव भक्त लक्ष्मी प्राप्ति की इच्छा रखता हो उसे कमल, बिल्वपत्र और शंखपुष्प से भगवान आशुतोष की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। यदि एक लाख की संख्या में इन पुष्पों द्वारा भगवान शिव की पूजा संपन्न हो जाए तो सारे पापों का नाश होता है और लक्ष्मी की प्राप्ति हो जाती है।

दूर्वा और हरसिंगार
भोलेनाथ की हरसिंगार के फूलों से पूजा करने पर सुख-सम्पत्ति की वृद्धि होती है। भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से मनुष्य निरोगी रहता है। दीर्घायु की इच्छा रखने वाला व्यक्ति एक लाख दुर्वाओं द्वारा शिव का पूजन करे,ऐसा शिवपुराण में कहा गया है।
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दुपहरिया और कनेर
बन्धूक(दुपहरिया) के फूलों द्वारा पूजन करने से मनुष्य को आभूषण की प्राप्ति होती है।इसी प्रकार कनेर के पुष्पों से पूजा करने पर मनुष्य को उत्तम वस्त्रों की प्राप्ति होती है। 
 
बेला और चमेली
बेला के पुष्पों से पूजन करने पर भगवान शिव, विवाह करने की इच्छा रखने वालों को मनोनुकूल वर और वधू प्रदान करते हैं।चमेली के सुगन्धित पुष्पों से शिव की पूजा करके मनुष्य वाहनों को उपलब्ध करता है।

अलसी और शमीपत्र
अलसी के फूलों से महादेव जी का पूजन करने वाला व्यक्ति भगवान विष्णु को प्रिय होता है। शमीपत्रों से पूजन करके मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर लेता हैं। वर्तमान ऋतु में पैदा होने वाले पुष्प यदि शिव की सेवा में समर्पित किए जाए तो वे मोक्ष देने वाले होते हैं।

मदार और धतूरा
मदार पुष्प भगवान शिव को अर्पित करने से मनुष्य के नेत्र और ह्रदय स्वस्थ्य रहते हैं। धतूरे से पूजा करने से विषैले जीवों से खतरा नहीं रहता।

जूही और सेदुआरि
जूही के फूलों से यदि भोलेनाथ की पूजा की जाए तो कभी घर में अन्न की कमी नहीं होती। सेदुआरि या शेफालिका के फूलों से शिव का पूजन किया जाए तो मन निर्मल होता है।

राई, बिल्वपत्र और अगस्त्य
राई के फूल चढाने पर शत्रु परास्त होते हैं और एक लाख बिल्वपत्र चढाने पर मनुष्य अपनी सारी काम्य वस्तुएं प्राप्त कर लेता है।अगस्त्य के फूल से शिव पूजा करने पर पद, सम्मान मिलता है
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