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Sawan Somwar 2025: सावन के आखिरी सोमवार पर करें ये काम, मनचाहा जीवनसाथी पाने का मिलेगा आशीर्वाद

Fri, 01 Aug 2025 05:14 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sawan Somwar 2025: ज्योतिषियों के मुताबिक, 4 अगस्त 2025 को सावन का आखिरी सोमवार व्रत है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से साधक की सभी इच्छाएं पूरी और उसे मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं। 
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Sawan Somwar 2025 Upay For Love Marriage - फोटो : adobe
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विस्तार
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Sawan Somwar 2025 Upay For Love Marriage: 11 जुलाई से शुरू हुआ सावन अब समाप्ति की ओर है। यह 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन समाप्त हो जाएगा। लेकिन उससे पहले सावन महीने का अंतिम सोमवार बाकी है। ज्योतिषियों के मुताबिक, 4 अगस्त 2025 को सावन का आखिरी सोमवार व्रत है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से साधक की सभी इच्छाएं पूरी और उसे मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं। चूंकि यह सावन का अंतिम सोमवार है, इसलिए यह कन्याओं के लिए भी खास है। इस दिन शिवलिंग का कच्चा दूध, दही, घी, गुड़ और शहद से अभिषेक करें। फिर भोलेनाथ को सुगंधित इत्र अर्पित करते हुए शुद्ध देसी घी से दीपक जलाएं। इससे वह प्रसन्न होते हैं और तनाव, रोग, कर्ज, कलह से छुटकारा मिलता है। इस दौरान आप षडाक्षर स्तोत्र का पाठ भी अवश्य करें। इसके प्रभाव से मनचाहा जीवनसाथी पाने का योग बनता है। ऐसे में आइए इस शक्तिशाली पाठ के बारे में जानते हैं।

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आखिरी सावन सोमवार मुहूर्त
  • अमृत काल - सुबह 5.44 - सुबह 7.25
  • शुभ काल - सुबह 9.06 - सुबह 10.46
  • प्रदोष काल - शाम 5.29 - रात 8.29

शुभ योग
ज्योतिषियों के मुताबिक सावन का आखिरी सोमवार बेहद खास होने वाला है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग और ब्रह्म योग का संयोग रहेगा। ऐसे में पूजा-पाठ करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

श्रीशिवषडाक्षरस्तोत्रम्

ॐकारं बिन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यानन्ति योगिनः।
कामदं मोक्षदं चैव ॐकाराय नमो नमः॥ ॥

नमंति ऋषयो देवा नामन्त्यपसरसां गणः।
नरा नमंति देवेशं निश्चयाय नमो नमः॥ 2॥

महादेवं महतनं महाध्यानं परायणम्।
महापापहरं देवं मकराय नमो नमः॥ 3॥

शिवं शांतं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम्।
शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नमः॥ 4॥

वाहनं वृषभो यस्य वासुकिः कंठभूषणम्।
वामे शक्तिधरं वेदं वक्राय नमो नमः॥ 5॥ वर. देवं

यत्र यत्र स्थितो देवः सर्वबन्ध महेश्वरः।
यो गुरुः सर्वदेवानां यकाराय नमो नमः ॥ 6॥

षडक्षरमिदं स्तोत्रं यः पथेच्छिवसंनिधौ।
शिवलोकमाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ 7॥

॥ इति श्री रुद्रायामले उमामहेश्वरसंवादे षडक्षरस्तोत्रं संपूर्णम् ॥

भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र

ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।


 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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