सभी नक्षत्रों में श्रेष्ठ पुष्य नक्षत्र और सभी ग्रहों में सबसे बड़े देवगुरु बृहस्पति के संयोग से बनने वाले गुरु पुष्य योग का आरंभ आज रात्रि 08:29 पर होगा। आज पूरे दिन गुरु का नक्षत्र पुनर्वसु भी विद्यमान रहेगा। इसलिए गुरुवार का दिन और गुरु का नक्षत्र होने के फलस्वरूप सर्वार्थ सिद्धि योग तो बनेगा, किंतु गुरु पुष्य योग का प्रभाव रात 08:29 के बाद होगा।
इन चीजों के लिए होता है शुभ
इस नक्षत्र में मंत्र दीक्षा, उच्च शिक्षा ग्रहण, भूमि, क्रय-विक्रय आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना, यज्ञ अनुष्ठान और वेद पाठ आरंभ करना, गुरु धारण करना, पुस्तक दान करना और विद्या दान करना और विदेश यात्रा आरंभ करने के लिए श्रेष्ठ होता है।
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नहीं किए जाते हैं ये शुभ कार्य
गुरु पुष्य नक्षत्र में विवाह को छोड़कर अन्य कोई भी कार्य किया जा सकता है। माता पार्वती के श्राप के कारण पुष्य नक्षत्र में विवाह करना अशुभ मांगा गया है।
इस समय मिलेगा शुभ फल
यदि आप गुरु पुष्य योग को आधार मानकर कुछ कार्य करना चाहें तो रात्रि 08:29 के बाद कर सकते हैं, किंतु शादी-विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकते हैं। हालांकि अनुष्ठान, तंत्र प्रयोग या फिर अध्ययन से संबंधित कोई भी कार्य आज निशीथ बेला और महानिशीथ बेला (लगभग मध्य रात्रि) में किया जा सकता है।