ईद-उल-फितर रमजान के पाक महीना के खत्म होने की खुशी में मनाया जाता है। रमजान के आखिरी दिन चांद दिखाई देने के बाद अगले दिन ईद बहुत ही उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस बार ईद का त्योहार 5 जून को है। दुनिया के कई देशों के मुस्लिम समुदाय के लोग ईद का त्योहार मंगलवार को मनाएंगे जबकि भारत में यह त्योहार बुधवार को मनाए जाने की संभावना है।
रमजान का पवित्र महीना खत्म होने और इस्लामिक कैलेंडर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन में ईद मनाई जाती है। चांद के दीदार होते ही पहली शव्वाल को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। फितर अरबी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है फितरा अदा करना। इसे ईद की नमाज पढ़ने से पहले अदा करना होता है। फितरा हर मुसलमान पर वाजिब है और अगर इसे अदा नहीं किया गया, तो फिर ईद नहीं मनाई जा सकती है।
दरअसल ईद एक तोहफा है, जो अल्लाह अपने बंदों को महीने भर रोजे रखने के बाद देते हैं। ऐसा मानना है कि ईद का दिन मुसलमानों के लिए इनाम का दिन होता है। यह दिन आसूदगी और आफीयत के साथ गुजारना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करनी चाहिए।
ईद-उल-फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है। सेवइयों और शीर-खुरमे की मिठास में लोग अपने दिल में छुपी कड़वाहट को भी भुला देते हैं। ईद का यह त्योहार न सिर्फ मुसलमान मनाते हैं, बल्कि सभी लोग इस मुक्कदस दिन की खुशी में शरीक होते हैं।
खुदा की इबादत में करीब एक महीने तक लगे रोजेदार ईद के दिन खुदा का शुक्रिया करते हैं। ईद एक दिन मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद में सामूहिक रूप से नमाज अदा करते हैं। एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं और गरीबों को दान करते हैं।