क्या करें-
स्नान और पूजा
हरियाली तीज के दिन स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा की तैयारी करें। इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनना विशेष शुभ माना जाता है, क्योंकि हरा रंग हरियाली का प्रतीक है और यह सौभाग्य को बढ़ाता है। पूजा के लिए इस दिन मिट्टी या बालू से मां पार्वती और शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करती हैं यदि ये संभव नहीं है तो शिव परिवार की तस्वीर रख लें। पूजन में सुहाग की सभी सामग्री को एकत्रित कर थाली में सजाकर माता पार्वती को चढ़ाना चाहिए। नैवेध में भगवान को घेवर, खीर पूरी, हलुआ और मालपुए से भोग लगाकर प्रसन्न करें। पूजा के समय मंत्रों का जाप करें और व्रत की विधि को पूरी निष्ठा से निभाएं। तत्पश्चात तीज माता की कथा सुननी या पढ़नी चाहिए।
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पौधों की पूजा करें
हरियाली तीज पर विशेष रूप से बांस, तुलसी, और पीपल जैसे पौधों की पूजा की जाती है। इन पौधों को सुंदर तरीके से सजाएं और दीपक व अगरबत्ती लगाकर पूजा करें।
गीत और झूला
हरियाली तीज के मौके पर महिलाएं श्रृंगार कर एक जगह एकत्र होकर झूला झूलती हैं और सावन के मधुर गीत गाती हैं, इस दिन ऐसा करना शुभ माना गया है।
दान करें
इस दिन आप किसी भी सुहागन महिला, जो उम्र में आपसे बड़ी हों, उन्हें सुहाग का सामान दान करें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें ।ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है और रिश्ते में मधुरता आती है।
क्या न करें-
झगड़े और विवाद से बचें
हरियाली तीज के दिन परिवार में किसी भी प्रकार के झगड़े और विवाद से बचना चाहिए। इस दिन परिवार में शांति और सहयोग बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
ऐसे रंग न पहनें
इस दिन भूलकर भी काले और सफेद रंग के वस्त्र और आभूषण नहीं पहनें। इस रंग के वस्त्र पहनना अशुभ माना जाता है।
अवांछनीय विचारों से दूर रहें
शुभ फलों की प्राप्ति के लिए पूजा के समय और पूरे दिन सकारात्मक सोच और अच्छे विचारों को बनाए रखें। नकारात्मकता से दूर रहना आवश्यक है।
प्रकृति को नुकसान न पहुचाएं
हरियाली तीज का संबंध प्रकृति,सुखद वैवाहिक जीवन से है इस दिन वृक्ष,नदियों और जल के देवता वरुण की पूजा की जाती है इसलिए भूलकर भी इस दिन पेड़-पौधों को हानि न पहुचाएं।