पंचांग के अनुसार दशहरा 12 अक्तूबर को है। यह त्योहार हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान श्री राम की पूजा की जाती है। इस दिन शस्त्र पूजा भी की जाती है। सनातन शास्त्र में उल्लेख है कि भगवान श्री राम ने त्रेता युग में आश्विन दशानन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को युद्ध में रावण को हराया था। इसी उपलक्ष्य में हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का त्योहार मनाया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, दशहरा के दौरान कई शुभ योग बनते हैं, जिनमें रवि योग भी शामिल है। इन योगों में भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए जानतेहैं विस्तार से।
दशहरा शुभ मुहूर्त
शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि आरंभ: 12 अक्तूबर, प्रातः 10: 59 से
शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि समाप्त: 13 अक्तूबर प्रातः 09: 08 मिनट पर
दशहरा विजय मुहूर्त
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर विजय मुहूर्त: दोपहर 02: 03 मिनट से लेकर 02 : 49 मिनट तक।
इस दिन पूजा का समय: दोपहर 01:17 मिनट से लेकर दोपहर के 03:35 मिनट तक है।
दशहरा पूजा कुल अवधि: 2 घंटे 18 मिनट है।
दशहरा पूजा दोपहर 01: 17 मिनट से लेकर दोपहर के 03: 35 मिनट के मध्य पूजा-पाठ कर सकते हैं।
रवि योग
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। रवि योग का संयोग दिन भर है। इस दिन श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस योग में भगवान श्रीराम की पूजा-उपासना करने से आरोग्य जीवन का वरदान प्राप्त होगा। साथ ही सभी प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
सर्वार्थ सिद्धि योग
दशहरा पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण: 12 अक्तूबर प्रातः 06: 20 मिनट से हो रहा है।
वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग का समापन: 13 अक्तूबर प्रातः 04: 27 मिनट पर हो रहा है।
इस योग में भगवान श्रीराम की पूजा करने से शुभ एवं सकारात्मक कार्यों में सिद्धि प्राप्त होगी। इस शुभ अवसर पर तैतिल करण का योग बन रहा है।
पंचांग
सूर्योदय - प्रातः 06 बजकर 20 मिनट पर
सूर्यास्त - सायं 05 बजकर 54 मिनट पर
चन्द्रोदय- दोपहर 02 बजकर 40 मिनट पर
चन्द्रास्त - देर रात 01 बजकर 26 मिनट पर (अक्टूबर 13)
ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04 बजकर 41 मिनट से 05 बजकर 30 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 03 मिनट से 02 बजकर 49 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - सायं 05 बजकर 54 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।