दिवाली के पावन अवसर पर माता लक्ष्मी और श्री गणेश की मूर्तियां स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है। इस पूजा के बाद मूर्तियों के साथ क्या करना चाहिए इस विषय में लोगों की जानकारी कम है।
What to do with lakshmi idol after Diwali: कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली का त्योहार पूरे धूम धाम से मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 24 अक्तूबर को मनाया जाएगा। दिवाली के त्योहार में पूरा देश रोशनी से जगमगाता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान श्री गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा होती है। कुछ स्थानों पर मूर्तियां तो कुछ स्थानों पर तस्वीरों में बने देवी देवताओं की पूजा करनी चाहिए। कागज लेकिन क्या आपे कभी इस बारे में विचार किया है कि लक्ष्मी पूजन के बाद माता लक्ष्मी की मूर्ति का क्या करना चाहिए। आइए जानते हैं पूजा के बाद माता लक्ष्मी एवं अन्य देवई देवताओं की मूर्तियों का क्या करना चाहिए।
पूजा के दौरान ध्यान रखे ये बातें
पूजा के दौरान जब भी श्री गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति की पूजा की जाती हैं तो सर्वप्रथम आह्वान मंत्र बोलना चाहिए। आह्वान मंत्र पूजा के दौरान बहुत जरूरी माना जाता है। चाहे माता लक्ष्मी की तस्वीर किसी कागज में हो या फिर कोई मूर्ति हो दोनों ही स्थिति में आह्वान मंत्र बोलना आवश्यक है।
लक्ष्मी पूजन के बाद क्या करना चाहिए?
जब भी दिवाली पूजा में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें उसके बाद देव प्रतिमाओं के समीप शुद्ध घी का दीपक रात भर जलते रहने दें।
पुरानी मूर्तियों का क्या करें?
हिंदू धर्म के अनुसार, लक्ष्मी गणेश की पुरानी मूर्तियों को नदी या तालाब में विसर्जित करना चाहिए। चूंकि लक्ष्मी गणेश उत्तर भार में मेहमान के रूप में घर में नहीं विराजे जाते। इसीलिए उनके नए स्वरूप को दिवाली पर घर में स्थापित किया जाता है और पुरानी प्रतिमाओं को विसर्जित किया जाता है। ताकि आने वाले एक साल घर में माता लक्ष्मी और श्री गणेश सुख समृद्धि बनाए रखें। साथ ही ये प्रार्थना भी करें कि हमारे घर में धन-धान्य की कोई कमी न हो।