Dhanteras 2023 Puja Timing Shubh Muhurat For Shopping: धनतेरस 5 दिनों तक चलने वाले दीपावली महापर्व का पहला दिन होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। धनतेरस को धनत्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान त्रयोदशी तिथि पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। धनतेरस पर आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, सुख-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर भगवान की पूजा करने का विधान होता है। इसके अलावा धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तन आदि की खरीदारी करने का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान धन्वंतरि सोने के कलश के साथ प्रगट हुए थे इस कारण से हर वर्ष धनतेरस पर सोना-चांदी के आभूषण और बर्तन की खरीदारी करनी की परंपरा है। धनतेरस पर की गई खरीदारी से तेरह गुने की वृद्धि होती है। 10 नवंबर को धनतेरस है ऐसे में आइए जानते हैं इस पर्व पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा।
वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक 10 नवंबर को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त 12 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 11 नवंबर की सुबह तक रहेगा।
प्रदोष काल (10 नवंबर 2023)- शाम 05 बजकर 30 मिनट से शाम 08 बजकर 08 मिनट तक
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि के साथ माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने का विधान होता है। धनतेरस पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 47 मिनट से शाम 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदे जाते हैं। जिसमें शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में धनतेरस पर सोना-चांदी की खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 07 मिनट से 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
प्रदोष काल - 05 बजकर 30 मिनट से 08 बजकर 08 मिनट तक
वृषभ काल- 05 बजकर 47 मिनट से 07 बजकर 43 मिनट तक
धनतेरस से पांच दिवसीय दिवाली का महापर्व आरंभ हो जाता है। धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, मिट्टी के दीपक, खील-बताशे, गट्टे, श्रीयंत्र, लक्ष्मी यंत्र , कौड़ी, गोमती चक्र, साबुत धनिया, हल्दी और झाड़ू की खरीदारी करना शुभ माना जाता है।