फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhath Puja 2022 : आज है खरना, जानें कैसे की जाएगी खरना की पूजा, क्या है पूजन सामग्री

Sat, 29 Oct 2022 12:25 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली

सार

छठ पूजा में दूसरे दिन को “खरना” के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रती पूरे दिन का उपवास रखती हैं। खरना का मतलब होता है, शुद्धिकरण। खरना के दिन शाम होने पर गुड़ की खीर का प्रसाद बना कर व्रती महिलाएं पूजा करने के बाद अपने दिन भर का उपवास खोलती हैं। 
विज्ञापन
खरना पूजा की पूजन सामग्री लिस्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Chhath Puja 2022 Kharna Samagri List: कल नहाय खाय से महापर्व छठ आरंभ हो चुका है। आज 29 अक्तूबर कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है और छठ का दूसरा दिन है। आज का दिन खरना कहलाता है। पूर्वांचल, बिहार, यूपी और झारखंड के क्षेत्र में लोग लोक आस्था के इस महापर्व को पूरे हर्षोल्लास से मनाते हैं। साल भर में यह सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। कल यानी 30 अक्तूबर को तीसरे दिन शाम को ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी पूजा की जाएगी और चौथे दिन यानी 31 अक्तूबर को सुबह के समय उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस महापर्व का समापन किया जाएगा। आइए जानते हैं खरना की पूजा में किस सामग्री की आवश्यकता होती है और यह पूजा किस प्रकार और किस विधि से की जाती है।

विज्ञापन


जाने खरना पूजा की सामग्री 

  • प्रसाद रखने के लिए बांस की दो बड़ी-बड़ी टोकरियां 
  • बांस या फिर पीतल का सूप
  • एक लोटा (दूध और जल अर्पण करने के लिए) 
  • एक थाली
  • पान
  • सुपारी
  • चावल
  • सिंदूर
  • घी का दीपक
  • शहद 
  • धूप या अगरबत्ती
  • शकरकंदी
  • सुथनी
  • गेहूं, चावल का आटा
  • गुड़
  • ठेकुआ
  • व्रती के लिए नए कपड़े
  • 5 पत्तियां लगे हुए गन्ने
  • मूली, अदरक और हल्दी का हरा पौधा
  • बड़ा वाला नींबू
  • फल-जैसे नाशपाती, केला और शरीफा
  • पानी वाला नारियल 
  • मिठाईयां

Chhath Puja 2022: छठ पूजा का दूसरा दिन आज, जाने खरना का मुहूर्त और नियम
 

खरना पूजा विधि 

  • आज से व्रतधारियों 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा।  
  • महिलाएं आज शाम को पूजा करने के बाद 36 घंटे के लिए निर्जला उपवास रखेंगी और सूर्य को अर्घ्य देंगी। 
  • शाम के समय घी लगी रोटी, गूड़ की खीर, और फल से भगवान का भोग लगाया जाता है। 
  • भोग लगाने के बाद महिलाएं यह प्रसाद के तौर पर ग्रहण करती हैं 
  • इसके बाद से उनका 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है। 
  • यह उपवास चौथे दिन सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है। 
  • अगले दिन अर्घ्य देने के लिए महिलाएं एक दिन पहले से प्रसाद बनाने की तैयारी करने लगती हैं।  

रवि योग में खरना 

विज्ञापन
विज्ञापन

खरना इस साल रवि योग में है। आज प्रात: 06 बजकर 31 मिनट से रवि योग प्रारंभ है, जो सुबह 09 बजकर 06 मिनट तक है। 
सुकर्मा योग रात 10 बजकर 23 मिनट से बन रहा है। 

छठ पूजा तिथि
28 अक्टूबर, शुक्रवार-नहाय खाय 
29 अक्टूबर, शनिवार-खरना
30 अक्टूबर, रविवार - डूबते सूर्य को अर्घ्य
31 अक्टूबर, सोमवार- उगते हुए सूर्य को अर्घ्य

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें