छठ पूजा में दूसरे दिन को “खरना” के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रती पूरे दिन का उपवास रखती हैं। खरना का मतलब होता है, शुद्धिकरण। खरना के दिन शाम होने पर गुड़ की खीर का प्रसाद बना कर व्रती महिलाएं पूजा करने के बाद अपने दिन भर का उपवास खोलती हैं।
Chhath Puja 2022 Kharna Samagri List: कल नहाय खाय से महापर्व छठ आरंभ हो चुका है। आज 29 अक्तूबर कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है और छठ का दूसरा दिन है। आज का दिन खरना कहलाता है। पूर्वांचल, बिहार, यूपी और झारखंड के क्षेत्र में लोग लोक आस्था के इस महापर्व को पूरे हर्षोल्लास से मनाते हैं। साल भर में यह सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। कल यानी 30 अक्तूबर को तीसरे दिन शाम को ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी पूजा की जाएगी और चौथे दिन यानी 31 अक्तूबर को सुबह के समय उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस महापर्व का समापन किया जाएगा। आइए जानते हैं खरना की पूजा में किस सामग्री की आवश्यकता होती है और यह पूजा किस प्रकार और किस विधि से की जाती है।
खरना इस साल रवि योग में है। आज प्रात: 06 बजकर 31 मिनट से रवि योग प्रारंभ है, जो सुबह 09 बजकर 06 मिनट तक है।
सुकर्मा योग रात 10 बजकर 23 मिनट से बन रहा है।
छठ पूजा तिथि
28 अक्टूबर, शुक्रवार-नहाय खाय
29 अक्टूबर, शनिवार-खरना
30 अक्टूबर, रविवार - डूबते सूर्य को अर्घ्य
31 अक्टूबर, सोमवार- उगते हुए सूर्य को अर्घ्य