Chhath ka Dusra Din Kharna:आज 29 अक्तूबर को छठ पूजा का दूसरा दिन है। दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को भक्त दिनभर का उपवास रखते हैं और शाम को भोजन करते हैं। इसे 'खरना' कहा जाता है। खरना के प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है। इसमें नमक या चीनी का उपयोग नहीं किया जाता है। खीर ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का व्रत रखा जाता है। खरना तिथि पर तन और मन के शुद्धिकरण पर ध्यान दिया जाता है।दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को भक्त दिनभर का उपवास रखते हैं और शाम को भोजन करते हैं। इसे 'खरना' कहा जाता है। खरना के प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है। इसमें नमक या चीनी का उपयोग नहीं किया जाता है। खीर ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का व्रत रखा जाता है। खरना तिथि पर तन और मन के शुद्धिकरण पर ध्यान दिया जाता है। पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि आज 29 अक्टूबर को सुबह 08 बजकर 13 मिनट से शुरू हो रही है। इस तिथि की समाप्ति, कल यानी 30 अक्टूबर को सुबह 05 बजकर 49 मिनट पर होगी। खरना के दिन सूर्योदय सुबह 06 बजकर 31 मिनट पर हुआ है।
खरना का महत्व
खरना पूजा विधि