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Chaitra Navratri 2021: जानिए कब से आरंभ होंगे चैत्र नवरात्र, प्रमुख तिथियां और मां दुर्गा का वाहन

Sun, 14 Mar 2021 07:25 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 13 अप्रैल से हो रहा है।
  • इस बार चैत्र नवरात्रि आरंभ मंगलवार के दिन से होगा जिसकी वजह से मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी।
     
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चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 13 अप्रैल से हो रहा है और समापन 22 अप्रैल को होगा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Chaitra Navratri 2021 Date: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि का त्योहार वर्ष में चार बार मनाया जाता है जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि मुख्य होते हैं। वहीं माघ और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि आती हैैं। नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ रूप की आराधना की जाती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 13 अप्रैल से हो रहा है और समापन 22 अप्रैल को होगा। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है।

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देवी दुर्गा के नौ स्वरूप
नवरात्रि पर देवी जगदंबा को प्रसन्न करने के लिए उनके नौ रूपों की पूजा-अर्चना, पाठ और आरती की जाती है। देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूप हैं- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि।

चैत्र नवरात्रि 2021 की तिथियां
13 अप्रैल- नवरात्रि प्रतिपदा- मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना
14 अप्रैल- नवरात्रि द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
15 अप्रैल- नवरात्रि तृतीया- मां चंद्रघंटा पूजा
16 अप्रैल- नवरात्रि चतुर्थी- मांकुष्मांडा पूजा
17 अप्रैल- नवरात्रि पंचमी- मां स्कंदमाता पूजा
18 अप्रैल- नवरात्रि षष्ठी- मां कात्यायनी पूजा
19 अप्रैल- नवरात्रि सप्तमी- मां कालरात्रि पूजा
20 अप्रैल- नवरात्रि अष्टमी- मां महागौरी
21 अप्रैल- नवरात्रि नवमी- मां सिद्धिदात्री , रामनवमी
22 अप्रैल- नवरात्रि दशमी- नवरात्रि पारणा

चैत्र नवरात्रि 2021 पर घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
इस बार चैत्र नवरात्रि का आरंभ मंगलवार के दिन से होगा जिसकी वजह से मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी। इससे पहले शारदीय नवरात्रि पर भी मां घोड़े पर सवार होकर आई थीं।

नवरात्रि का महत्व

मान्यता है कि नवरात्रि पर देवी दुर्गा पृथ्वी पर आती हैं, जहां वे नौ दिनों तक वास करते हुए अपने भक्तों की साधना से प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं। नवरात्रि पर देवी दुर्गा की साधना और पूजा-पाठ करने से आम दिनों के मुकाबले पूजा का कई गुना ज्यादा फल की प्राप्ति होती है। नवरात्रि पर ही विवाह को छोड़कर सभी तरह के शुभ कार्यों की शुरुआत करना और खरीदरारी करना बेहद ही शुभ माना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम ने भी लंका पर चढ़ाई करने से पहले रावण संग युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए देवी की साधना की थी। नवरात्रि पर सभी शक्तिपीठों पर विशेष आयोजन किए जाते हैं जहां पर बड़ी संख्या में लोग माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनके दरबार में शीश झुकाने जाते हैं।

नवरात्रि घटस्थापना का महत्व 

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है जिसे कलश स्थापना भी कहते हैं। पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के साथ ही नौ दिनों तक चलने वाला नवरात्रि का पर्व आरंभ हो जाता है। पहले दिन में विधि-विधान से घटस्थापना करते हुए भगवान गणेश की वंदना के साथ माता के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा, आरती और भजन किया जाता है। 

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