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Budh Pradosh Vrat 2023: जानिए कब है वैशाख माह का अंतिम प्रदोष व्रत, शुभ मुहूर्त और महत्व

Thu, 27 Apr 2023 12:15 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 2 मई 2023 की रात 11 बजकर 17 मिनट पर हो जाएगी। वहीं इस तिथि का समापन 03 मई की रात को 11 बजकर 49 मिनट पर होगा।
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Pradosh Vrat 2023: प्रदोष व्रत पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख-समृद्धि और हर तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Budh Pradosh Vrat 2023: प्रदोष व्रत का महत्व हिंदू धर्म में काफी होता है। शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत भगवान शिव जी की पूजा-आराधना और उन्हें प्रसन्न करने के लिए समर्पित होता है। प्रदोष का व्रत रखने और पूजा-पाठ करने से भगवान भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार अभी वैशाख माह जारी है और इस माह का अंतिम प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के दिन रखा जाएगा। यह व्रत बुधवार, 3 मई को है। बुधवार के दिन प्रदोष व्रत होने से इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष व्रत पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख-समृद्धि और हर तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। आइए जानते हैं इस वैशाख माह के अंतिम प्रदोष व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त।

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बुध प्रदोष व्रत 2023 तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 2 मई 2023 की रात 11 बजकर 17 मिनट पर हो जाएगी। वहीं इस तिथि का समापन 03 मई की रात को 11 बजकर 49 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार बुध प्रदोष व्रत 3 मई को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के 6 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।

बुध प्रदोष व्रत 2023 शुभ योग
वैशाख माह का अंतिम प्रदोष व्रत 3 मई को रखा जाएगा। इस दिन दो तरह के शुभ योग का निर्माण होने जा रहा है। जिसमें से एक योग सर्वार्थसिद्धि और दूसरा रवि योग होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 जबकर 39 मिनट से रात 08 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। रवि योग रात्रि 08 बजकर 56 मिनट से सुबह 05 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार इन दोनों योगों में भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करने पर सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द पूरी होंगी। 
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प्रदोष व्रत का महत्व 

 

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