हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में युग हत्याकांड मामले में मंगलवार को बहस पूरी न होने के कारण अब इस मामले की सुनवाई 20 मार्च को निर्धारित की गई है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है। सत्र न्यायाधीश शिमला की ओर से सुनाई गई फांसी की सजा को अपील के माध्यम से चुनौती दी गई है। वहीं, फांसी की सजा सुनाने वाले इस निर्णय को पुष्टिकरण के लिए निचली अदालत ने हाईकोर्ट को भेजा है।
गौरतलब है कि फिरौती के लिए चार साल के मासूम युग की अपहरण और निर्मम हत्या के लिए चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बख्शी को दोषी ठहराया है। सत्र न्यायाधीश शिमला की अदालत सभी को फांसी की सजा सुनाई है।
दुर्घटना में घायल बच्ची को 31 हजार मुआवजा
जिला अदालत चक्कर ने वाहन दुर्घटना में घायल पहली कक्षा की बच्ची को 31 हजार रुपये का मुआवजा दिया है। वाहन दुर्घटना प्राधिकरण शिमला ने मुआवजे की राशि दो महीनों के भीतर छह फीसदी ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। संजौली स्थित पैराडाइज स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ रही बच्ची वाहन दुर्घटना में घायल हो गई थी। बच्ची अपने परिजन के साथ मोटर साइकिल पर स्कूल जा रही थी। सामने से आ रही एक गाड़ी ने मोटर साइकिल को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में बच्ची को गंभीर चोटें आईं थीं। परिजनों ने मुआवजा के लिए वाहन दुर्घटना प्राधिकरण शिमला में याचिका दायर की थी।