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फैसले के बाद बेचैनी में कटी युग के हत्यारों की पहली रात

Wed, 08 Aug 2018 12:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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युग हत्या मामले में दोषी करार दिए चंद्र शर्मा, तेजेंद्र पाल और विक्रांत बख्शी को कंडा जेल में अलग अलग बैरेक में रखा गया है। मंगलवार को जेल में इन्हें दूसरे कैदियों के साथ सुबह पौने छह बजे उठाया गया। अदालत से दोष सिद्ध होने के बाद दोषियों की पहली रात बेचैनी से कटी। तीनों दोषियों ने जेल में खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की लेकिन उनके चेहरे का उड़ा रंग सारी कहानी बयान कर रहा था।

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जेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तीनों ने रोज की तरह सभी तरह की गतिविधियों में भाग लिया और दूसरे कैदियों के साथ खाना भी खाया। दोषियों की हरकत पर जेल प्रशासन कड़ी निगरानी रख रहा है। सजा सुनाए जाने तक 13 अगस्त तक इन्हें जेल में सुरक्षित रखना जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती भी है।

इस दौरान दोषियों की स्वास्थ्य जांच करवाने की बात भी जेल प्रशासन कर रहा है। जेल मुख्यालय ने कंडा जेल के अफसरों को निर्देश दिए कि तीनों दोषियों को लेकर सतर्कता बरतें और उन पर खास नजर बनाए रखें। उधर,  डीजी जेल सोमेश गोयल भी मंगलवार को औचक निरीक्षण करने के लिए कंडा जेल पहुंचे।
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बीते सोमवार को चार साल के मासूम युग के अपहरण और हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनवाई में विभिन्न धाराओं के तहत तीनों को अपहरण और हत्या का दोषी माना। अदालत ने इस मामले में 800 पन्नों की जजमेंट दी है।

इसमें आरोपियों को हत्या, अपहरण, बंधक बनाने, साक्ष्य मिटाने और हत्या का षड्यंत्र रचने का दोषी करार दिया है। बता दें कि शिमला के कारोबारी विनोद गुप्ता के मासूम बेटे युग का फिरौती के लिए 14 जून 2014 को अपहरण हुआ था। दोषियों ने 23-24 जून की रात को युग को पत्थर बांध कर जिंदा भराड़ी पेयजल टैंक में फेंक दिया था।

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