सोलन में प्रदेश स्तरीय यूथ संसद
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हिमाचल प्रदेश स्तरीय यूथ संसद में अग्निवीरों की भर्ती योजना पर पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष ने कहा कि अग्निवीर योजना शुरू होना युवाओं के साथ खिलवाड़ है, जबकि पक्ष ने तर्क दिया कि इसमें युवाओं को चार साल बाद भी रोजगार सरकार उपलब्ध करवाएगी। अंत में संसद में इस पर सहमति का प्रस्ताव पास हो गया। वहीं गुजरात में हुए पुल हादसे की भी विपक्ष ने उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग स्पीकर के समक्ष रखी। इसके अलावा महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता समेत कृषि कानून विधेयक पर भी संसद गर्माया। यूथ संसद में प्रदेश भर से जिलास्तर पर चयनित 12 टीमों ने भाग लिया। इसका आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग के कोठो ऑडिटोरियम में हुआ।
इस दौरान देर शाम नौ बजे तक प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसका शुभारंभ डिग्री कॉलेज प्राचार्या रीटा शर्मा ने किया। जबकि शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी विशेष रुप से मौजूद रहे। प्रतियोगिता में जिला शिमला, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, ऊना, किन्नौर, चंबा, बिलासपुर, लाहौल स्पीति, कांगड़ा की टीमों ने भाग लिया। उप शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि ऐसी प्रतियोगिता बच्चों के मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी है। आदर्श नागरिक बनने के लिए छात्रों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना को जीवन में अपनाना चाहिए।