पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू गुट के युकां नेताओं ने अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष शिकायतों का पिटारा खोल कर रख दिया। युकां प्रदेशाध्यक्ष के डेलीगेट के इंटरव्यू शुरू होने से पहले दोनों गुटों के नेताओं ने हाईकमान से एक घंटे तक मुलाकात कर दोनों की राहों में रोड़ा अटकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वीरभद्र गुट के नेताओं ने शिकायत के साथ दो नेताओं की ऑडियो और वीडियो साक्ष्य के तौर पर आईवाईसी के समक्ष रखे। इनमें प्रदेश कांग्रेस के दोनों नेता यह कह रहे हैं कि सबसे ज्यादा वोट लेने वाला युकां नेता हमारा है। युकां नेता के प्रचार करने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है।
पिछली बार युकां प्रदेशाध्यक्ष को इसी कारण से पद से हाथ धोना पड़ा था। दूसरी ओर सुखविद्र सुक्खू गुट के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष भी युकां राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास को जन्म दिन पर बधाई देने के बहाने दिल्ली पहुंचे हैं। सुखविंद्र गुट के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष भी दिल्ली दरबार में पहुंच कर शिकायत की है। विरोधी गुट के डेलीगेट के पिछले रिकार्ड को रखा और उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हाईकमान युवा कांग्रेस के नेताओं की शिकायतों पर दोबारा गौर करेगा और शिकायतों के पुख्ता प्रमाण लाने को कहा है। युकां प्रदेश प्रभारी अमर प्रीत लाली ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष के नाम की घोषणा करने से पहले पुख्ता प्रमाणों के शिकायतें रखने को कहा है।