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यंग अचीवर अवार्ड्स: सीएम जयराम बोले- 10वीं पास करने के बाद दो साल घर में रहे, जिद्द करने के बाद पहुंचे कॉलेज

Tue, 28 Dec 2021 09:07 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

अमर उजाला यंग अचीवर अवार्ड्स 2021 समारोह का मंगलवार को शिमला के एक स्थानीय होटल में आयोजन किया गया। समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया। 
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यंग अचीवर के साथ सीएम जयराम। - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला यंग अचीवर अवार्ड्स 2021 समारोह का मंगलवार को शिमला के एक स्थानीय होटल में आयोजन किया गया। समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया। समारोह में शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिलसिलेवार जानकारी दी कि वह राजनीति में कैसे आए। सीएम ने कहा कि वह ऐसे साधारण परिवार से थे, जिससे कोई राजनीति में नहीं था। जयराम बोले - 10वीं पास करने के बाद वह दो साल घर में रहे। वह बोलता रहे कि उन्हें पढ़ना है। घरवाले कॉलेज भेजने की स्थिति में नहीं थे। जिद्द कर कॉलेज गए तो कॉलेज में पढ़ाई कम करते थे, इसके लिए कभी पुरस्कार भी नहीं मिले, लेकिन भाषण और वाद-विवाद में हिस्सा लेते और सम्मानित होते। सीएम जयराम ठाकुर ने अपने जीवन के प्रेरक प्रसंगों से जहां उपस्थित लोगों को भावुक किया, वहीं उन्होंने उन्हें खूब हंसाया भी। 

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि कॉलेज में वन एक्ट प्ले में वह अच्छे कलाकार थे, जो आज भी हैं। बाद में संगठन से जुड़ गए और उसके बाद कश्मीर गए। उस वक्त से राजनीति से बहुत ज्यादा लेना-देना नहीं था। वह उस वक्त नेताओं से घृणा करते थे। कभी-कभी अफसोस होता कि जिनसे घृणा करता था, उनमें से वह एक हैं। इसके बाद जब घर आए तो वर्ष 1993 में पार्टी ने प्रस्ताव रखा कि उन्हें चुनाव लड़ना है। जहां से चुनाव लड़ने को कहा, वहां से कभी जमानत नहीं बचती थी। उनसे पहले चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को 737 वोट पडे़ थे तो सोचा कि हजार पार तो कर ही पाएंगे। मजबूती के साथ लड़े। मंडी में पार्टी दस की दस सीटें हार गई थी, पर उन्हें संतोष था कि उनकी जमानत बची और वह मंडी जिला में सबसे कम मार्जिन से हारे। 1993 के चुनाव के बाद आकलन किया। इसके बाद पांच साल मेहनत की। कोई घर नहीं छोड़ा। उसके बाद विधायक बने और फिर तो पांच बार बनते ही रहे। 

मुझसे पूछते थे मैं कहता था कि कुछ नहीं बनूंगा

सीएम जयराम बोले - फोकस होकर अपने लक्ष्य तय किए जाएं तो कठिन काम भी किए जा सकते हैं। जब कॉलेज में पढ़ता था तो कोई कहता था कि आईएएस बनूंगा, डाक्टर बनेंगे, इंजीनियर बनेंगे और कोई कहते थे। मुझसे पूछते थे मैं कहता था कि कुछ नहीं बनूंगा। मैंने उस वक्त राजनीति में आने के लक्ष्य को लेकर काम नहीं किया। जब लक्ष्य को फोकस करने की बात की। वह मानते हैं कि जब बच्चा ऐसी स्थिति में हो जाए कि वह अपना अच्छा-बुरा स्वयं समझ जाए तो उसके सामने यह ऑप्शन जरूर देना चाहिए कि उसे क्या बनना है। जब ये स्थिति आए तो ऐसा करना चाहिए।  

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