10 कारीगरों के उत्पाद किए जा रहे प्रदर्शित
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। गेयटी थियेटर में द मनु वीवर्स राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा केंद्र की ओर से सोमवार से हाथों से तैयार किए उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू हुई। इसमें याक के ऊन से बनी शॉल और पश्मीना शॉल लोगों की पहली पसंद बन रही है।
याक के ऊन को कारीगर हाथ से कताई कर केवल एक दिन में ही तैयार करते हैं। इसकी कीमत 1500 से 10 हजार रुपये तक है। इसके अलावा पश्मीना शॉल 12 से 20 हजार, किन्नौरी शॉल एक से दस हजार और कुल्लवी टोपी 400 रुपये में बिक रही है। 13 दिन तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में करीब 10 कारीगरों के उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। इसमें किन्नौरी शॉल, नूरपुरी शॉल, स्टॉल, मफलर, वुलन सूट, जैकेट, कुर्ती, कोट, पोंचू, कुल्लू और किन्नौरी टोपियां सहित अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। द मनु वीवर्स राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा केंद्र के सचिव अनिल मेहरा ने बताया के केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जा रहे है। केंद्र में करीब 400 लोग पंजीकृत हैं, जो हस्तशिल्प और हथकरघा का काम कर रहे हैं।