कांगड़ा में भी मार्च से जुलाई तक होटल कारोबार को करीब 1500 करोड़ की चपत लगी है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्वनी बांबा के अनुसार कोरोना के कारण प्रदेश के सबसे बड़े कारोबार को हजारों करोड़ों का नुकसान हुआ है। वर्ष 2019 की बात करें तो मार्च से जुलाई तक कांगड़ा में बाहरी राज्यों व विदेश से आने वाले 10 लाख 92 हजार 120 पर्यटकों ने प्रवेश किया था।
इनमें 10 लाख 33 हजार 849 देश के अन्य राज्यों से पर्यटक घूमने आए थे। मार्च से जुलाई तक 58 हजार 271 विदेशी पर्यटक आए थे। चंबा के खज्जियार व डलहौजी में इस बार दस से 15 करोड़ का नुकसान पर्यटन व्यवसाय को हुआ है। डलहौजी में प्रतिदिन चार हजार तक पर्यटक पहुंचते थे। यही पर्यटक खज्जियार घूमने के बाद लौटते थे। सप्ताह तक पर्यटकों का ट्रिप रहता था।
सिरमौर जिले में भी पर्यटन कारोबार को गहरा झटका लगा है। उत्तराखंड और हरियाणा सीमा से सटे होने के कारण प्रतिवर्ष लाखों सैलानी जिले के रेणुका, हरिपुरधार, जमटा, चूड़धार, हरिपुरधार और पांवटा साहिब के रमणीक स्थलों की ओर रुख करते हैं। राज्य पर्यटन निगम का सर्वाधिक व्यवसाय भी इन्हीं चार महीनों पर निर्भर करता है, लेकिन इस वर्ष इन चार महीनों में जिले में पर्यटकों के न आने से पर्यटन कारोबार में 75 से 80 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है।