जसूर के ठंगर निवासी चार बहनों के इकलौते भाई नरेंद्र की जवाली के हवाल गांव के पास कार हादसे में मौत हो गई। नरेंद्र की कार दुर्घटना से मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया। चार बहनों का इकलौता भाई नरेंद्र नूरपुर के आर्य कॉलेज में राजनीति शास्त्र का प्रवक्ता था और वह कुछ समय पूर्व ही नियमित हुआ था। नरेंद्र की एक बहन दिल्ली में विवाहित है, जबकि दो अन्य बहनों की शादी हिमाचल में ही हुई है। वहीं, उसकी सबसे छोटी बहन अभी अविवाहित थी। नरेंद्र की अभी शादी नहीं हुई थी।
पिता की सात साल पहले मौत हो चुकी है और नरेंद्र के ही कंधे पर परिवार की जिम्मेदारी थी। नरेंद्र ने घर का काम लगाया था, लेकिन यह भी अधूरा रह गया। नरेंद्र की माता हृदय रोगी हैं। नरेंद्र की बहनों के आने पर ही परिवार के लोगों को यह हृदय विदारक सूचना मिली। नरेंद्र के घर उनका दोस्त कल ही आया था और आज सुबह दोनों नैना देवी जा रहे थे और बीच में ही असमय काल का शिकार हो गया। सुबह घर से नैना देवी को निकले नरेंद्र को पता नहीं था कि शाम को उसकी पार्थिव देह घर वापिस आएगी। शाम को नरेंद्र का दाह संस्कार कर दिया गया।