165 फीट की ऊंचाई पर योग, ध्यान का विश्व रिकॉर्ड।
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हिमाचल प्रदेश की मुख्य सैरगाह मनाली में नाम एक और नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। इतिहास में पहली बार मनाली में धरातल से लगभग 165 फीट की ऊंचाई पर जाकर हवा में योग साधना की गई। लगभग सात देशों के योग साधकों ने योगाभ्यास के साथ आकाश ध्यान का अनुभव किया। योग गुरु अक्षरनाथ की अगुवाई में मनाली में बने फ्लाई डायनिंग में योग कर विश्व को स्वस्थ रहने का संदेश दिया। अमेरिका, जापान, चीन और भारत सहित करीब सात देशों के करीब 50 से अधिक योग साधक इस महा आयोजन का हिस्सा बने। दावा है कि इससे पहले इस तरह धरातल से ऊपर 165 फीट की ऊंचाई पर इस तरह का योग कभी नहीं किया गया।
मनाली में इसी वर्ष हिमाचल प्रदेश का पहला फ्लाई डायनिंग बनकर तैयार हुआ है। योग गुरु अक्षरनाथ की अगुवाई में मनाली पहुंचे लगभग सात देशों के योग साधकों ने करीब एक घंटे तक फ्लाई डायनिंग में योग किया। योग गुरु ने योग के दौरान ऊंचाई पर जाकर पंचतत्व पृथ्वी, अग्नि, जल, आकाश, वायु का ध्यान करवाया। योग गुरु अक्षरनाथ इन दिनों देश-विदेश के शिष्यों के साथ मनाली की वादियों में आए हैं। मनाली के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में वह योग साधना कर रहे हैं। शनिवार सुबह करीब नौ बजे फ्लाई डायनिंग पर योग की विभिन्न क्रियाएं की गईं। हवा में जाकर आकाश ध्यान भी करवाया गया।
योग गुरु अक्षरनाथ ने बताया कि अब तक सभी धरातल पर रहकर आकाश ध्यान करते थे, लेकिन इतिहास में यह पहली बार हुआ कि करीब 165 फीट की ऊंचाई पर जाकर आकाश ध्यान हुआ। फ्लाई डायनिंग के संचालक दमन कपूर ने बताया कि विश्व में बने फ्लाई डायनिंग में अब तक योगाभ्यास नहीं हुआ है। यह अपने आप में नया रिकॉर्ड बन गया है। उनके अनुसार फ्लाई डायनिंग में तीन चरणों में योगाभ्यास किया गया। विश्व में इस तरह का योग पहली बार हुआ है। कहा कि महर्षि ब्यास ने इसी स्थान पर आकर साधना की थी। मनाली पवित्र स्थल है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार सर्वश्रेष्ठ आसन और दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति की पढ़ाई है। यदि कभी भी तनवा हो तो योग करना चाहिए।