फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hikkim Post Office: हिमाचल के हिक्किम में विश्व में सबसे अधिक ऊंचाई पर बना पत्र पेटी की तरह दिखने वाला डाकघर शुरू

Tue, 14 Jun 2022 10:02 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग/काजा(लाहौल-स्पीति)

सार

विश्व में सबसे अधिक 14,567 फीट ऊंचाई पर स्थित लाहौल-स्पीति जिले के वाहन योग्य हिक्किम गांव में बने इस डाकघर का मंगलवार को भारतीय डाक विभाग हिमाचल परिमंडल की चीफ पोस्ट मास्टर जनरल वंदिता कौल ने उद्घाटन किया। 
विज्ञापन
हिक्किम में विश्व का सबसे ऊंचा पत्र पेटी की तरह दिखने वाला डाकघर शुरू - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के हिक्किम गांव में विश्व का सबसे ऊंचा पत्र पेटी की तरह दिखने वाला देश का पहला डाकघर शुरू हो गया। विश्व में सबसे अधिक 14,567 फीट ऊंचाई पर स्थित लाहौल-स्पीति जिले के वाहन योग्य हिक्किम गांव में बने इस डाकघर का मंगलवार को भारतीय डाक विभाग हिमाचल परिमंडल की चीफ पोस्ट मास्टर जनरल वंदिता कौल ने उद्घाटन किया। वर्ष 1983 से हिक्किम गांव में यह डाकघर चल रहा था, लेकिन अब इसे नए स्वरूप में तैयार किया गया है, जोकि आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रामपुर डाक मंडल के अंतर्गत आता यह डाकघर पूरी तरह डिजिटल है। वंदिता कौल ने बताया कि कोरोना काल में भारतीय डाक विभाग ने सरकारी योजनाओं सहित लोगों की पेंशन घर-घर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विज्ञापन




आज के दौर में दुर्गम क्षेत्रों में भी पार्सल पहुंचाने व अन्य बैंकिंग सुविधाओं को डाकघर से जोड़ा गया है। बदलते वक्त और संचार के साधनों में वृद्धि के कारण डाक प्रणाली की उपयोगिता कम जरूर हुई है, लेकिन इसका महत्व खत्म नहीं हुआ है। नए स्वरूप में बने डाकघर के उद्घाटन के बाद देश-विदेश से हिक्किम पहुंचे कई पर्यटकों ने यहीं से अपने प्रियजनों को पोस्ट कार्ड भेजे। अतिरिक्त उपायुक्त काजा अभिषेक वर्मा ने कहा कि 14,567 फीट की ऊंचाई पर डाकघर खुलना ही बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हिक्किम डाकघर के जरिये स्पीति में पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों की आर्थिकी मजबूत होगी। इस मौके पर लांगचा पंचायत के हिक्किम, कौमिक और आसपास के ग्रामीण भी मौजूद रहे।

39 सालों से हिक्किम डाकघर में तैनात है रिंचेन छेरिंग
हिक्किम गांव के ही रिचेंन छेरिंग पिछले 39 साल से दुनिया के सबसे ऊंचे डाकघर में बतौर ग्रामीण डाक पालक के पद पर तैनात हैं। छेरिंग ने बताया कि उन्होंने साल 1983 को डाक विभाग में सेवाएं शुरू कीं। बर्फबारी के दौरान आसपास के कौमिक और लंगचा गांव तक डाक पहुंचाने के लिए 10 से 12 फीट बर्फ के बीच पैदल चलना पड़ता था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें