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ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क: 3120 वर्ग किमी के साथ होगा देश का तीसरा सबसे बड़ा नेशनल पार्क

Mon, 18 Apr 2022 11:22 AM IST
अरविन्द ठाकुर रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

साल 2014 में जब ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर का दर्जा मिला था तो यूनेस्को ने पार्क का क्षेत्रफल बढ़ाकर तीन हजार वर्ग किमी करने को कहा था। इस पर भारत ने अपनी प्रतिबद्धता जताई थी। ऐसे में अब ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जून 2014 में विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क जल्द देश का तीसरा सबसे बड़ा नेशनल पार्क बनने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वर्तमान में पार्क का दायरा 905.4 वर्ग किलोमीटर तक फैला है। दो नेशनल पार्क और दो सेंक्चुरी को इसमें शामिल किया किया जा रहा है। सबसे पहले ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से सटे 710 वर्ग किलोमीटर खीरगंगा नेशनल पार्क को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा 675 वर्ग किमी के पिन वैली नेशनल पार्क के अलावा रूपी भाब वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी तथा कनावर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी को भी मर्ज किया जाएगा। यह काम यूनेस्को की गाइडलाइन के आधार पर किया जा रहा है। 

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साल 2014 में जब ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर का दर्जा मिला था तो यूनेस्को ने पार्क का क्षेत्रफल बढ़ाकर तीन हजार वर्ग किमी करने को कहा था। इस पर भारत ने अपनी प्रतिबद्धता जताई थी। ऐसे में अब ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। 2023 में भारत को इस संबंध में अपनी स्टेटस रिपोर्ट यूनेस्को में दाखिल करनी है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के डीएफओ निशांत मंढोत्रा ने कहा कि पहले चरण में 710 वर्ग किलोमीटर खीरगंगा नेशनल पार्क को शामिल किया जाएगा। पार्क प्रबंधक ने इसका सर्वे भी कर लिया है। 

जैव विविधता का संरक्षक है नेशनल पार्क
जैव विविधता को देखते हुए यूनेस्को ने ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। पार्क क्षेत्र में जहां पर्यटन गतिविधियां बढ़ी हैं, वहीं राज्य पक्षी जाजुराना का भी संरक्षक बना है। कस्तूरी मृग, बर्फानी तेंदुआ सहित वन्य प्राणियों की 31 प्रजातियों में काला और भूरा भालू, कस्तूरी मृग, हिम तेंदुआ, घोरल, हिमालयन नीली भेड़, हिमालयन थार, हिमालयन विजल के अलावा मुर्गा प्रजाति और दुर्लभ पक्षियों की 209 नस्लों में जाजुराना, मोनाल, कोकलास, शाहिल, चिड सीजेंड और 44 तितलियों की प्रजातियां पार्क में पाई जाती हैं। पार्क एरिया में 832 के विभिन्न प्रजातियों के पौधे हैं। इनमें 69 प्रजातियों के पेड़, 113 प्रकार की झाड़ियां, 28 तरह की लताएं तथा 493 जड़ी-बूटियां शामिल हैं। पार्क क्षेत्र में शिकार पर प्रतिबंध है। इस पर नजर रखने के लिए 35 से अधिक ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।  
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दो पार्क और दो सेंक्चुरियां होंगी मर्ज
इको जोन - 265 वर्ग किमी
खीरगंगा नेशनल पार्क- 710 वर्ग किमी
पिन वैली नेशनल पार्क- 675 वर्ग किमी
रूपी भबा वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी- 503 वर्ग किमी
कनावर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी- 61 वर्ग किमी

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