हिमालयी क्षेत्र में अधिकतर ग्लेशियरों का पानी नदी-नालों में ही जाता है। लाहौल में 90 फीसदी पानी चंद्रा व भागा नदी के अलावा नालों में जा रहा है। हालांकि भौगोलिक परिस्थितियों के चलते कई जगह मार्च-अप्रैल में ग्लेशियरों के पिघलने से झीलें बनती हैं, जो प्रकृति का नियम है।