राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसानों को अब अपने बेहतर जीवन के लिए प्राकृतिक खेती ईमानदारी से अपनाएं, ताकि आने वाले दिनों में उनका जीवन रोग मुक्त रहे।
उन्होंने कहा कि इस खेती विधि को अपनाने से किसानों की आय में वृद्धि तो होगी ही, साथ ही लोगों को जहर मुक्त अनाज मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि खेती में रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से मनुष्यों में अनेकों बीमारियां आ रही हैं।
लोगों को जहर मुक्त और पोषण युक्त खाद्यान मुहैया करवाने के लिए किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज लोगों को फैमिली डॉक्टर रखने की जरुरत नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक खेती करने वाले किसान की जरूरत होनी चाहिए, ताकि उसके जीवन में बीमारी कोई घर ही न कर सके ।
लोगों को एक देशी गाय रखनी होगी, जिससे उसके गोबर और मूत्र से प्राकृतिक खेती हो सके। उन्होंने प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ सुभाष पालेकर का आभार जताते हुए कहा कि वह हिमाचल को प्राकृतिक खेती के लिए अपना अधिक समय दे रहे हैं। इससे पहले कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को एक जन आंदोलन के रूप में लोगों के बीच ले जाया जाएगा।