पूर्व ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा की सरकारी कोठी फिलहाल खाली रहेगी। यह आवास चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को अलॉट नहीं होगा। सरकार में बनने वाले नए मंत्री को ही यह कोठी दी जाएगी। सचिवालय सामान्य प्रशासन के पास इस कोठी के लिए कइयों ने आवेदन कर रखे हैं। लेकिन सरकार ने स्थिति क्लीयर कर ली है कि जिसे जो आवास पहले अलॉट हुआ है, उन्हें उसी आवास में रहना होगा।
सरकार में नए मंत्री की तैनाती होगी, यह आवास उन्हें दिया जाएगा। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर का सरकारी आवास भी खाली होना है। वह कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से सांसद बने हैं। शपथ लेने से पहले वह पद से इस्तीफा देंगे, उसके बाद उनका भी सरकारी आवास खाली होगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जब सरकार बनी थी तो उस समय भी सचिवालय में कमरों और सरकारी कोठियों के लिए अफरा-तफरी मची थी। ओहदेदार पसंद की कोठी पाने के लिए मुख्यमंत्री पर दबाव बनाते रहे हैं। कोठियों और कार्यालय में मंत्रियों की तैनाती किए जाने पर करीब दो महीने का समय लग गया था। इससे सबक लेते हुए जयराम सरकार किसी की कोठी शिफ्ट करने के पक्ष में नहीं हैं।