मुख्यमंत्री ने वाटर प्यूरिफिकेशन इनविगोरेटिव योजना का शुभारंभ किया। कहा कि योजना के तहत विभिन्न नदियों के दूषित जल के प्रबंधन को 38 प्रकार के पौधे चिह्नित किए गए हैं।
पहले चरण में यह योजना सुखना नाला परवाणू, मारकंडा नदी, कालाअंब, सिरसा नदी (बद्दी) और आसपास शुरू होगी। मुख्य सचिव पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष आरडी धीमान ने पर्यावरण से संबंधित जानकारी दी।
पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट, उपमहापौर राकेश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रवीण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह आदि उपस्थित थे।
पत्तल और डोना बनाने के लिए मशीन वितरित
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हरित तकनीक हस्तांतरण योजना में सहायता स्वरूप जिला बिलासपुर के घुमारवीं के महिला स्वयं सहायता समूह मुस्कान को पत्तल एवं डोना बनाने की मशीन वितरित की।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई। इसमें शहर के 30 स्कूलों के लगभग 600 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने पर्यावरण उत्कृष्ट पर सर्वोत्तम प्रथाओं का संकलन पुस्तक के अलावा अन्य जागरूकता प्रकाशन सामग्री का विमोचन किया।
प्रदर्शनी का आयोजन
विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह के साथ नकद पुरस्कार दिए। प्रथम 50 हजार और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार दिए गए। पीटरहॉफ में वनस्पति खाद तकनीकों, पॉली ईंटों, गोबर निर्मित घड़ों आदि को विभाग की प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।